Crypto Market today:मार्केट वैल्यू के नजरिए से दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टो करेंसी बिटकॉइन सोमवार को 7 फीसदी से ज्यादा टूट गई और जुलाई के बाद के अपने निचले स्तरों पर पहुंच गई। रुस द्वारा यूक्रेन पर हमले के डर के चलते इस जोखिम वाले एसेट पर सबसे ज्यादा नेगेटिव असर देखने को मिला और इसमें भारी बिकवाली आई।
फिलहाल बिटकॉइन 6.8 फीसदी की गिरावट के साथ 33820 डॉलर पर नजर आ रहा है। अपने ऑल टाईम हाई से यह करीब 50 फीसदी नीचे चला गया है। गौरतलब है कि बिटकॉइन ने पिछले नवंबर महीने में ही 69000 डॉलर का ऑलटाइम हाई छुआ था।
इसी तरह ईथेरियम 29 जुलाई के बाद की अपने सबसे निचले स्तर पर कारोबार कर रहा है। फिलहाल यह 11 फीसदी की गिरावट के साथ 2253 डॉलर पर नजर आ रहा है। बिटकॉइन के साथ कदम मिलाकर चलने वाली मेलर (maller) क्रिप्टोकरेंसियों में भी भारी गिरावट देखने को मिल रही है ।
अमेरिकी में लिस्टेड miners Riot Blockchain, Marathon Digital और Bit Digital में भी प्री ट्रेडिंग मार्केट में 7.3 फीसदी और 12 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। वहीं क्रिप्टो एक्सचेंज Coinbase Global 7.8 फीसदी टूटा है।
गौरतलब है कि बिटकॉइन इस समय स्टॉक मार्केट के साथ कदम मिलाकर चलता नजर आ रहा है। ऐसा अभी तक कभी देखने को नहीं मिला है। इस समय स्टॉक मार्केट और बिटकॉइन दोनों में गिरावट देखने को मिल रही है। जानकारों का कहना है कि दोनों का यह सह-संबंध स्टॉक मार्केट में तेजी आने पर दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी के लिए भी कुछ राहत लेकर आ सकता है।
इस डिजिटल टोकन और टेक हैवी Nasdaq 100 के बीच 40 दिनों का correlation coefficient लगभग 0.66 के स्तर पर पहुंच गया है जो Bloomberg द्वारा 2010 से इकट्ठा किए गए आंकड़ों के आधार पर सबसे नजदीकी सह-संबंध है। इसी तरह बिटकॉइन और S&P 500 का को-रिलेशन भी अपने सबसे नजदीकी स्थिति में है।
Yardeni Research के रणनीतिकारों का कहना है कि इक्विटी मार्केट में बॉटम आउट होने की स्थिति नजर आ रहा है । अब इसमें हालिया गिरावट के बाद एक बार फिर तेजी आती नजर आ सकती है। इक्विटी मार्केट में इस तरह की कोई तेजी बिटकॉइन और दूसरी क्रिप्टो करेंसियों में भी कम से कम कुछ समय के लिए जोश भर सकती है।
BCA Research Inc के Peter Berezin का कहना है कि आने वाले महीनों में हमें स्टॉक मार्केट में रिकवरी देखने को मिल सकती है। इसकी वजह यह है कि बॉन्ड मार्केट और स्थिर होता नजर आ रहा है और कंपनियों की कमाई में लगातार बढ़ोतरी होती नजर आ रही है। इसकी वजह ग्लोबल इकोनॉमी में आ रही रिकवरी है। उन्होंने आगे कहा कि इससे किप्टोमार्केट को भी फौरी तेजी देखने को मिल सकती है।