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दिल्ली में राशन कार्ड की 7.71 लाख नई वैकेंसी, इस डायरेक्ट लिंक से करें अप्लाई और सरकारी सुविधा का लाभ उठाएं, एलिबिलिटी भी जानें

Delhi News: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि गहन ऑडिट के बाद सरकार ने आय मानदंड को पूरा न करने वाले 1.44 लाख लाभार्थियों, राशन प्राप्त न करने वाले 35,800 लाभार्थियों, मृत पाए गए 29,580 लाभार्थियों को हटा दिया है। जबकि 23,394 राशन कार्ड डुप्लिकेट पाए गए। अप्लाई करने के लिए सभी डिटेल्स जारी कर दिए गए हैं

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड May 21, 2026 पर 6:12 PM
दिल्ली में राशन कार्ड की 7.71 लाख नई वैकेंसी, इस डायरेक्ट लिंक से करें अप्लाई और सरकारी सुविधा का लाभ उठाएं, एलिबिलिटी भी जानें
Delhi News: दिल्ली में राशन कार्ड की 7.71 लाख नई वैकेंसी निकली है

Delhi News: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार (21 मई) को कहा कि दिल्ली सरकार ने सात लाख से अधिक राशन कार्ड रद्द कर दिए हैं। जबकि नए राशन कार्ड जारी करने के लिए आय सीमा को बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये प्रति वर्ष किया जाएगा। गुप्ता ने पत्रकारों से कहा कि दिल्ली सरकार ने लगभग 7.72 लाख अमान्य राशन कार्ड रद्द कर दिए हैं और ऑनलाइन नए आवेदन आमंत्रित किए हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली में पिछले 13 वर्षों में कोई राशन कार्ड जारी नहीं किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा, "गहन ऑडिट के बाद, सरकार ने आय मानदंड को पूरा न करने वाले 1.44 लाख लाभार्थियों, राशन प्राप्त न करने वाले 35,800 लाभार्थियों, मृत पाए गए 29,580 लाभार्थियों को हटा दिया, जबकि 23,394 राशन कार्ड डुप्लिकेट पाए गए।" फिलहाल, दिल्ली में राशन कार्ड के लिए पात्र होने की आय सीमा 1.2 लाख रुपये प्रति वर्ष निर्धारित है।

गुप्ता ने कहा कि यह बढ़ोतरी जरूरतमंद लोगों की अधिकतम संख्या को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने बताया कि आय में बढ़ोतरी के फैसले को अगली कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी जाएगी।इसके अलावा CMO के X हैंडल से सीएम रेखा गुप्ता के हवाले से एक पोस्ट में कहा गया है, "पिछले 13 साल से दिल्ली की जनता, लाखों गरीब लोगों को नए राशन कार्ड बनाने का मौका कभी नहीं मिला। नए राशन कार्ड बनाने का काम हमने शुरू किया है। पहले हमने राशन की व्यवस्थाओं का व्यापक ऑडिट किया।"

सीएम ने आगे कहा, "लगभग 1 लाख 44 हजार लोग ऐसे थे जो इनकम क्राइटेरिया के ऊपर थे और 35,800 लोग ऐसे थे जिन्होंने एक साल से राशन लिया ही नहीं था। यानी उनको राशन की जरूरत ही नहीं थी। हजारों राशन कार्ड धारकों का नाम उनके निधन के बाद भी लिस्ट में था। कई डुप्लीकेट केसेस भी थे। सबको हटाकर 7.71 लाख+ वैकेंसी बनी है।"

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