दिवाली पर घर जा रहे हैं? सबसे पहले कर लें ये 5 काम!

Diwali Financial Planning: दिवाली पर घर लौटने पर माता-पिता की सेहत के साथ उनके वित्तीय भविष्य की समीक्षा करना बेहद जरूरी है। एक्सपर्ट के अनुसार, मेडिकल इमरजेंसी और बढ़ती जरूरतों से बचने के लिए बच्चों को माता-पिता का मंथली खर्च, इमरजेंसी फंड, हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज और भविष्य के केयर खर्च जैसे 5 अहम फाइनेंशियल चेक्स समय रहते कर लेने चाहिए। पूरी खबर में जानें कैसे सुरक्षित रखें अपने माता-पिता का भविष्य

अपडेटेड Oct 28, 2026 पर 7:59 PM
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जानें इन 5 महत्वपूर्ण फाइनेंशियल चेक्स के बारे में

Diwali Financial Planning for Elderly Parents: दीपावली का त्योहार बेहद खास होता है। यह सभी परिवारों को एक साथ लाता है। महीनों-सालों बाद जब बच्चे त्योहार पर घर लौटते हैं, तो माता-पिता की सेहत और हाल-चाल जानने के साथ-साथ उनके वित्तीय भविष्य की सुध लेना भी बेहद जरूरी होता है। अक्सर देखा गया है कि बुढ़ापे में कोई मेडिकल इमरजेंसी आने पर बुजुर्गों की जीवन भर की जमा-पूंजी और बच्चों की सेविंग्स दोनों पर भारी असर पड़ता है।

एल्डरकेयर प्लेटफॉर्म 'अन्वया किनकेयर' (Anvayaa Kincare) के संस्थापक और प्रबंध निदेशक प्रशांत रेड्डी (Prashanth Reddy) के अनुसार, दिवाली पर जब पूरा परिवार साथ हो, तो बच्चों को अपने बुजुर्ग माता-पिता की वित्तीय तैयारियों की समीक्षा जरूर कर लेनी चाहिए।

यहां उन 5 व्यावहारिक और महत्वपूर्ण फाइनेंशियल चेक्स की पूरी डिटेल्स दी गई है, जिन्हें त्योहार की छुट्टियों के दौरान आपको अपने माता-पिता के साथ बैठकर जरूर जांचना चाहिए:


1. मंथली फाइनेंशियल गैप की गणना करें

उम्र ढलने के साथ-साथ दवाइयों और घरेलू खर्चों का बोझ बढ़ता जाता है, जबकि आय के साधन सीमित हो जाते हैं।

क्या जांचें: माता-पिता की पेंशन, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के ब्याज या किराये से होने वाली नियमित आय की तुलना उनके मासिक घरेलू खर्चों, रेगुलर दवाइयों के बिल, इंश्योरेंस प्रीमियम और रूटीन चेकअप से करें।

क्यों है जरूरी: इस गैप को मापने से यह साफ हो जाएगा कि क्या वे अपने दैनिक खर्चों को पूरा करने के लिए अपनी मूल बचत (Capital/Savings) को तो नहीं खत्म कर रहे हैं। यदि हर महीने घाटा हो रहा है, तो समय रहते इसे ठीक करने की रणनीति बनाएं।

2. इमरजेंसी फंड का आकलन करें

अचानक अस्पताल में भर्ती होना या कोई तात्कालिक चिकित्सा जरूरत बिना बताए आती है। ऐसे समय में तुरंत कैश की जरूरत होती है।

क्या जांचें: यह देखें कि माता-पिता के पास ऐसा कितना पैसा है जो बचत खाते या लिक्विड म्यूचुअल फंड में है, जिसे बिना किसी पेनाल्टी या बिना किसी फिक्स्ड डिपॉजिट को समय से पहले तुड़वाए तुरंत निकाला जा सके।

क्यों है जरूरी: अगर अचानक कोई मेडिकल बिल आता है, तो पर्याप्त इमरजेंसी फंड होने से किसी से कर्ज लेने या लंबी अवधि के निवेश (जैसे- पीपीएफ या शेयर) को घाटे में बेचने की नौबत नहीं आती।

3. हेल्थ इंश्योरेंस की कमियों को पहचानें

उम्र बढ़ने के साथ मौजूदा हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी की कवरेज सीमाएं अक्सर कम पड़ जाती हैं या उनमें कई तरह की शर्तें जुड़ जाती हैं।

क्या जांचें: माता-पिता के हेल्थ इंश्योरेंस का सम एश्योर्ड, रूम रेंट कैपिंग, को-पेमेंट क्लॉज और बीमारियों के वेटिंग पीरियड को ध्यान से पढ़ें।

क्यों है जरूरी: केवल पॉलिसी होना काफी नहीं है। आपको यह पता होना चाहिए कि किसी गंभीर बीमारी के अस्पताल में भर्ती होने पर बीमा कंपनी कितना क्लेम देगी और परिवार को अपनी जेब से कितना भुगतान करना पड़ सकता है। अगर कवरेज कम है, तो अलग से सीनियर सिटीजन टॉप-अप या सुपर टॉप-अप प्लान जोड़ें।

4. भविष्य की देखभाल और केयर कॉस्ट का अनुमान लगाएं

बुढ़ापे में केवल अस्पताल का खर्च ही नहीं, बल्कि घर पर रिकवरी सपोर्ट, फिजियोथेरेपी या फुल-टाइम अटेंडेंट की जरूरत भी पड़ सकती है।

क्या जांचें: होमकेयर असिस्टेंट, नर्सिंग सपोर्ट और लंबी बीमारियों के इलाज में आने वाले संभावित मासिक खर्चों का अंदाजा लगाएं।

क्यों है जरूरी: लंबे समय तक चलने वाले एल्डर-केयर खर्च रिटायरमेंट फंड को तेजी से खत्म कर सकते हैं। इन भविष्य के खर्चों को पहले से प्लान करने से बुजुर्गों की जीवनशैली प्रभावित नहीं होती।

5. दोनों पीढ़ियों के वित्तीय भविष्य की सुरक्षा करें

प्रशांत रेड्डी के अनुसार, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि माता-पिता के बुढ़ापे का खर्च इस तरह प्लान किया जाए कि बच्चों के अपने वित्तीय लक्ष्य (जैसे- बच्चों की पढ़ाई, होम लोन या खुद का रिटायरमेंट) प्रभावित न हों।

क्या योजना बनाएं: बच्चों को पूरी तरह से व्यक्तिगत रूप से भारी कर्ज लेने या अपने रिटायरमेंट फंड (PF/Investment) को निकालने के बजाय एक सहयोगात्मक मॉडल बनाना चाहिए। माता-पिता की अपनी बचत, इंश्योरेंस और बच्चों के छोटे-छोटे योगदान को मिलाकर एक डेडिकेटेड 'पैरेंटल केयर कॉर्पस' तैयार करें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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