Where to invest Rs 10 lakh: पिछले दशक में मिराए एसेट इनवेस्टमेंट मैनेजर्स (इंडिया) (Mirae Asset Investment Managers India)ने म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में अपनी अच्छी पहचान बनाई है। इसके इक्विटी फंडों का प्रदर्शन अच्छा रहा है। इसमें फंड हाउस के चीफ इनवेस्टमेंट अफसर (CIO)-इक्विटी नीलेश सुराना (Neelesh Surana) का बड़ा योगदान है। उन पर 94,000 करोड़ रुपये के फंड के मैनेजमेंट की जिम्मेदारी है। इस फंड हाउस की दो स्कीमें-मिराए एसेट इमर्जिंग ब्ल्यूचिप (Mirae Asset Emerging Bluechip) और मिराए एसेट लार्ज कैप (Mirae Asset Large Cap) 20 सबसे बड़े इक्विटी फंडों में शामिल हैं।
मनीकंट्रोल से बातचीत में सुराना ने बताया कि आज अगर कोई इनवेस्टर 10 लाख रुपये इनवेस्ट करना चाहता है तो उसे इस पैसे को किस तरह निवेश करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एसेट एलोकेशन की वजह से अगर किसी निवशक के पोर्टफोलियो में इक्विटी का हिस्सा बढ़ गया है तो उसे इक्वल-वेट की तरफ बढ़ना चाहिए। इसका मतलब है कि ऑरिजिनल एसेट एलोकेशन के हिसाब से पोर्टफोलियो को रिबैलेंस करना चाहिए। इसके लिए नया SIP शुरू किया जा सकता है। जो सिप पहले से हैं, उन्हें जारी रखना चाहिए। आपको शेयरों में उसी पैसे को लगाना चाहिए, जिसे आप तीन से पांच साल के लिए निवेश कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इंडियन इकोनॉमी और कंपनियां ऑयल की कीमतों और इंटरेस्ट रेट में बढ़ोतरी के असर को बर्दाश्त करने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि जिन इनवेस्टर्स का एसेट एलोकेशन सही नहीं है, उन्हें अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करनी चाहिए और सही मॉडल तैयार करना चाहिए। इसकी वजह यह है कि मार्केट में गिरावट से इक्विटी में उनका एलोकेशन घट गया होगा।
सुराना ने कहा कि शेयरों में पहली बार पैसा लगाने वाले इनवेस्टर्स के लिए हाइब्रिड फंड सहीं हैं। ये अपना पैसा शेयर और बॉन्ड दोनों में लगाते हैं। इक्विटी सेविंग्स फंड भी बहुत अच्छे प्रोडक्ट हैं। ये अपना करीब 40 फीसदी पैसा इक्विटी औरर आर्बिट्राज और डेट में लगाते हैं। इनमें उतार-चढ़ाव कम होता है और फिक्स्ड इनकम फंड के मुकाबले ज्यादा रिटर्न देते हैं।
पुराने निवेशकों के लिए कई तरह के ऑप्शंस हैं। इक्विटी पोर्टफोलियो का कम से कम 70 फीसदी पैसा उन्हें लार्जकैप शेयरों में लगाना चाहिए। हमें लगता है कि अभी लार्जकैप मजबूत स्थिति में हैं। मुश्किल स्थितियों में भी उनमें स्थिरता देखने को मिली है।
सबसे अच्छा एसेट एलोकेशन के बारे में पूछने पर सुराना ने कहा कि यह व्यक्ति की इनकम के सोर्स और स्टैबिलिटी पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए नौकरी से होने वाली इनकम और रेटंल इनकम के बीच फर्क है। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक बात में बताना चाहूंगा कि 5 से 10 साल में शेयरों से आपको सबसे अच्छा रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न मिलेगा। हमने 42 साल में सेंसेक्स को 100 से 60,000 अंक जाते देखा है।
सुराना ने कहा कि बैंकिंग, हेल्थकेय, ऑटो, ऑटो एंसिलियरी सेक्टर की कंपनियों की ग्रोथ अच्छी रहने की उम्मीद है। इसके अलावा बिल्डिंग मैटेरियल्स, कंज्यूमर गुड्स में भी अच्छी संभावनाएं दिख रही हैं। यह पूछने पर कि आप खुद कहां इनवेस्ट करते हैं, सुराना ने कहा कि मेरा पर्सनल इनवेस्टमेंट एप्रोच ऐसा नहीं है, जिसे रीडर्स के लिए कॉपी करना ठीक होगा। मैं 100 फीसदी इक्विटी फंडों में इनवेस्ट कता है। फिक्स्ड इनकम में मेरा निवेश ईपीएफ और पीपीएफ में है।