Get App

बच्चे को विदेश पढ़ाने के बारे में सोच रहे हैं? इनवेस्टमेंट माइग्रेशन से मिल सकती है मदद

2022 में 7.7 लाख से ज्यादा इंडियन स्टूडेंट्स विदेश गए। यह बीते छह साल में विदेश जाने वाले इंडियन स्टूडेंट्स की सबसे ज्यादा संख्या है। कोरोना की महामारी के बाद लोग अगली पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य के लिए ज्यॉग्राफिकल डायवर्सिफिकेशन पर फोकस कर रहे हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 24, 2023 पर 6:09 PM
बच्चे को विदेश पढ़ाने के बारे में सोच रहे हैं? इनवेस्टमेंट माइग्रेशन से मिल सकती है मदद
कुछ साल पहले तक इंडिया में इनवेस्टमेंट माइग्रेशन ज्यादातर अमेरिका के ईब-5 वीजा प्रोग्राम तक सीमित था। अब माल्टा, पुर्तगाल, ग्रीस और कुछ यूरोपीय देशों के इनवेस्टमेंट माइग्रेशन प्रोग्राम में भारतीय दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

विदेश में प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी (Foreign Universities) में बच्चे का एडमिशन कराना आसान नहीं है। इसकी वजह यह है कि पढ़ाई के लिए विदेश जाने वाले स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ रही है। सरकार के एक अनुमान के मुताबिक, 2022 में 7.7 लाख से ज्यादा इंडियन स्टूडेंट्स विदेश गए। यह बीते छह साल में विदेश जाने वाले इंडियन स्टूडेंट्स की सबसे ज्यादा संख्या है। कोरोना की महामारी के बाद लोग अगली पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य के लिए ज्यॉग्राफिकल डायवर्सिफिकेशन पर फोकस कर रहे हैं। इस वजह से इनवेस्टमेंट माइग्रेशन (Investment Migration) बढ़ रहा है।

Investment Migration क्या है?

इनवेस्टमेंट माइग्रेशन का मतलब इनवेस्टमेंट की बदौलत किसी दूसरे देश की नागरिकता हासिल करने से है। आईटी कंपनियों के बड़ी संख्या में एंप्लॉयीज की छंटनी करने के बाद नौकरी गंवाने वाले कुछ इंडियंस भी इनवेस्टमेंट माइग्रेशन की संभावना तलाश रहे हैं। कुछ साल पहले तक इंडिया में इनवेस्टमेंट माइग्रेशन ज्यादातर अमेरिका के ईब-5 वीजा प्रोग्राम तक सीमित था। अब माल्टा, पुर्तगाल, ग्रीस और कुछ यूरोपीय देशों के इनवेस्टमेंट माइग्रेशन प्रोग्राम में भारतीय दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

सोच-विचार कर करें फैसला

सब समाचार

+ और भी पढ़ें