E20 Fuel: क्या E20 पेट्रोल से इंजन खराब हुआ तो मिलेगा इंश्योरेंस क्लेम? समझिए नियम और एक्सपर्ट्स की राय

Does Motor Insurance Cover E20 Fuel Damage: देश में अब 20% एथेनॉल मिलाया हुआ पेट्रोल स्टैंडर्ड फ्यूल बन चुका है। इसके साथ ही पुरानी पेट्रोल गाड़ियों के मालिकों के मन में एक बड़ा सवाल उठ रहा है कि, अगर E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से गाड़ी का इंजन या फ्यूल सिस्टम खराब होता है, तो क्या कॉम्प्रिहेंसिव मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी में इसका क्लेम मिलेगा? जानें क्या है नियम

अपडेटेड Jul 28, 2026 पर 5:56 PM
जानें क्या केवल E20 फ्यूल इस्तेमाल करने से इंश्योरेंस रद्द हो जाता है?

Motor Insurance Policy on E20 Fuel: भारत में 1 अप्रैल से E20 पेट्रोल यानी पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाया हुआ पेट्रोल स्टैंडर्ड फ्यूल बन चुका है। इसके बाद से ही पुरानी पेट्रोल गाड़ियों के मालिकों के मन में एक बड़ा सवाल उठ रहा है कि, अगर E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से गाड़ी का इंजन या फ्यूल सिस्टम खराब होता है, तो क्या कॉम्प्रिहेंसिव मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी में इसका क्लेम मिलेगा?

इस मुद्दे पर सरकार, इंश्योरेंस कंपनियों और ऑटोमोटिव एक्सपर्ट्स का रुख बिल्कुल साफ है। आइए आपको बताते हैं कि E20 पेट्रोल और कार इंश्योरेंस से जुड़े नियम क्या कहते हैं।

क्या केवल E20 फ्यूल इस्तेमाल करने से इंश्योरेंस रद्द हो जाता है?


बिल्कुल नहीं, सरकार और इंश्योरेंस कंपनियों ने साफ कर दिया है कि गाड़ी में E20 पेट्रोल का इस्तेमाल करने से आपकी इंश्योरेंस पॉलिसी रद्द नहीं होती। आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस ने विवाद के बाद साफ किया कि, 'गाड़ी में E20 फ्यूल का इस्तेमाल करने से पॉलिसी अमान्य नहीं होती। क्लेम इस बात पर निर्भर करता है कि दुर्घटना या चोरी जैसी बीमित घटना हुई है या नहीं। पुरानी गाड़ियों में E20 के इस्तेमाल को लापरवाही नहीं माना जाएगा।'

पॉलिसीबाजार के मोटर इंश्योरेंस बिजनेस हेड पारस पसरीचा (Paras Pasricha) के मुताबिक, केवल E20 फ्यूल के इस्तेमाल से क्लेम रिजेक्ट नहीं होता। क्लेम इस बात पर तय होता है कि नुकसान की असली वजह क्या है।

क्या E20 से इंजन खराब होने पर क्लेम मिलेगा?

यहीं पर बीमा के नियमों का अंतर समझना जरूरी है:

क्या E20 से इंजन खराब होने पर क्लेम मिलेगा?

पारस पसरीचा के अनुसार, 'अगर सर्वेयर की जांच में यह साबित होता है कि इंजन या फ्यूल सिस्टम का नुकसान सिर्फ और सिर्फ ऐसे फ्यूल (E20) का इस्तेमाल करने से हुआ है जो वाहन निर्माता द्वारा अनुशंसित नहीं था, तो इसे स्टैंडर्ड पॉलिसी के तहत मैकेनिकल ब्रेकडाउन या कन्सिक्वेंशियल डैमेज माना जाएगा। इस स्थिति में क्लासिकल कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी में क्लेम मिलना मुश्किल होगा।'

किस बात पर फंस रहा पेंच?

ICICI Lombard का ब्लॉग पोस्ट: जून 2026 में ICICI लोम्बार्ड के एक ब्लॉग में कहा गया था कि पुरानी गैर-E20 कंपैटिबल गाड़ियों में E20 फ्यूल से हुए नुकसान को लापरवाही के दायरे में देखा जा सकता है। हालांकि, विवाद बढ़ता देख कंपनी ने तुरंत स्पष्टीकरण जारी कर स्थिति साफ की। अप्रैल 2023 के बाद बनी सभी BS6 Phase-2 गाड़ियां पूरी तरह से E20 फ्यूल फ्रेंडली हैं और उनमें ऐसी कोई समस्या नहीं आती।

सरकार और इंडस्ट्री का क्या रुख है?

सरकार और एथेनॉल इंडस्ट्री ने E20 से बड़े पैमाने पर इंजन खराब होने के दावों को पूरी तरह से खारिज किया है। संसद में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने लोकसभा में लिखित जवाब में कहा कि सरकार को वाहन निर्माताओं या कंज्यूमर ग्रुप्स से E20 के कारण माइलेज घटने या इंजन/टैंक खराब होने की कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है।

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि इंश्योरेंस कंपनियों ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है और सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें।

सरकार के मुताबिक पिछले 2.5 सालों से देश में 20 करोड़ से ज्यादा टू-व्हीलर्स और 3 करोड़ कारें एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल पर बिना किसी परेशानी के चल रही हैं।

भारत इंडिपेंडेंट एथेनॉल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (BIEPA) के जॉइंट वाइस प्रेसिडेंट अक्षय मोदी ने कहा कि सोशल मीडिया पर चल रहा कैंपेन सिर्फ भ्रामक जानकारी पर आधारित है और एथेनॉल ब्लेंडिंग पूरी तरह से वैज्ञानिक जांच और OEM अप्रूवल के बाद ही लागू की गई है।

कार मालिकों के लिए निष्कर्ष और काम की सलाह

आपकी कार का इंश्योरेंस E20 पेट्रोल डालने से रद्द नहीं होता है, दुर्घटना या चोरी की स्थिति में क्लेम पहले की तरह ही मिलेगा। अगर E20 के कारण फ्यूल पाइप, इंजेक्टर या जंग लगने से मैकेनिकल ब्रेकडाउन होता है, तो सामान्य इंश्योरेंस इसे कवर नहीं करेगा। इसके लिए आपके पास Engine Protect Add-on या Extended Warranty होना जरूरी है। आप अपनी गाड़ी के यूजर मैनुअल में फ्यूल कंपैटिबिलिटी जरूर जांच लें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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