7th Pay Commission Update: केंद्र सरकार ने ड्रेस भत्ते को लेकर बड़ा बदलाव किया है। अब जो भी कर्मचारी 1 जुलाई 2025 या उसके बाद सरकारी सेवा में नियुक्त होंगे, उन्हें ड्रेस अलाउंस साल में एक बार पूरी रकम देने की बजाय मासिक अनुपात (प्रो-राटा) के आधार पर मिलेगा। यह संशोधन कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा जारी एक ऑफिस मेमोरेंडम के जरिए नोटिफाई किया गया है।
अब तक कैसे मिलता था ड्रेस भत्ता?
फिलहाल सभी पात्र सरकारी कर्मचारियों को हर साल जुलाई में पूरे साल का ड्रेस भत्ता एकमुश्त मिलता है, भले ही उन्होंने उसी वित्त वर्ष के किसी भी महीने में जॉइन किया हो। यानी अगर कोई कर्मचारी मार्च में भी नियुक्त होता है, तो उसे भी जुलाई में पूरे साल की रकम मिल जाती है।
नए नियम के तहत क्या बदलेगा?
अब जिनकी नियुक्ति 1 जुलाई 2025 या उसके बाद होगी, उन्हें ड्रेस अलाउंस उनके सेवा में रहने की अवधि के अनुसार दिया जाएगा। यानी सालाना भत्ता की रकम को 12 महीनों में बांटा जाएगा। फिर नियुक्ति माह से लेकर अगले साल 30 जून तक जितने महीने सेवा में रहे, उसके हिसाब से कुल रकम तय होगी।
जैसे कि अगर कोई कर्मचारी अक्टूबर 2025 में नियुक्त होता है, तो उसे अक्टूबर से जून तक के 9 महीनों का ड्रेस भत्ता मिलेगा। यह बदलाव सिर्फ नए कर्मचारियों पर लागू होगा। जो कर्मचारी पहले से सेवा में हैं, उनके लिए पुराने नियम ही जारी रहेंगे।
रिटायरमेंट वाले कर्मचारियों पर असर नहीं
सरकार ने यह भी साफ किया है कि जो कर्मचारी 1 जुलाई 2025 से पहले सेवा में आ चुके हैं, उनके लिए ड्रेस भत्ते के मौजूदा नियम जस के तस रहेंगे। इसी तरह रिटायर हो रहे कर्मचारियों के लिए भी फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
जो कर्मचारी दिसंबर या उससे पहले रिटायर होते हैं, उन्हें आधे साल का ड्रेस भत्ता मिलेगा। वहीं, जो दिसंबर के बाद रिटायर होते हैं, उन्हें पूरा सालाना भत्ता दिया जाएगा। हालांकि, सरकार ने यह जरूर कहा है कि रिटायरमेंट से जुड़े इन नियमों को लेकर आगे अलग से समीक्षा की जा सकती है।
ड्रेस भत्ते की रकम में कोई बदलाव नहीं
इस बदलाव के बावजूद ड्रेस भत्ते की कुल राशि में कोई संशोधन नहीं किया गया है। 7वें वेतन आयोग के तहत भत्ता पहले की तरह जारी रहेगा: