Education Loan: क्रेडिट स्कोर के बगैर भी मिलेगा एजुकेशन लोन, यहां जानिए कैसे

कई स्टूडेंट्स का क्रेडिट स्कोर नहीं होता। आम तौर पर बैंक लोन देने के लिए ग्राहक के क्रेडिट स्कोर को देखते हैं। लेकिन, एजुकेशन लोन के मामले में स्थिति थोड़ी अलग है। कई बैंकों के एजुकेशन लोन इस तरह से तैयार किए गए हैं, जिसमें बैंक लोन एप्रूव करने के लिए दूसरी चीजों पर गौर करते हैं

अपडेटेड Nov 05, 2025 पर 4:56 PM
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एजुकेशन लोन मिलने के बाद स्टूडेंट पढ़ाई के दौरान अपना क्रेडिट ट्रैक रिकॉर्ड बनाने की कोशिश कर सकता है।

क्रेडिट स्कोर नहीं होने या खराब होने पर लोन मिलना मुश्किल हो जाता है। बैंक और एनबीएफसी ग्राहक को लोन देने का फैसला उसके क्रेडिट स्कोर को देखकर करती हैं। लेकिन, इसका मतलब यह नहीं है कि क्रेडिट स्कोर नहीं होने पर आपको लोन खासकर एजुकेशन लोन नहीं मिल सकता। अगर आप जरूरी डॉक्युमेंट्स के साथ बैंक को अपनी वित्तीय स्थिति के बारे में बताते हैं तो बैंक आपके एजुकेशन लोन का एप्लिकेशन एप्रूव कर देते हैं।

बैंक कुछ खास जानकारियों पर गौर करते हैं

आम तौर पर लोन लेने के लिए क्रेडिट स्कोर जरूरी होता है। लेकिन, कई एजुकेशन लोन प्रोडक्ट्स स्टूडेंट्स को ध्यान में रख तैयार किए जाते हैं। कई स्टूडेंट्स का क्रेडिट स्कोर नहीं होता। ऐसे में बैंक स्टूडेंट के एडमिशन डिटेल पर गौर करते हैं। वे देखते हैं कि स्टूडेंट किस कोर्स में एडमिशन ले रहा है? उस कोर्स को पूरा करने के बाद वह कितनी कमाई कर सकता है? इन सवालों के जवाब से संतुष्ट होने के बाद बैंक एजुकेशन लोन के अप्लिकेशन को एप्रूव कर देते हैं।

को-साइनर के साथ लोन के लिए करें अप्लाई


अगर आपका क्रेडिट स्कोर नहीं है तो आप किसी ऐसे व्यक्ति (Co-Sign) के साथ मिलकर लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं, जिसकी नियमित इनकम है, अच्छा क्रेडिट स्कोर है और वह को-अप्लिकेंट बनने के लिए तैयार हैं। को-साइनर एक तरह से सेंकेंडरी अप्लिकेंट बन जाता है, जिसके ट्रैक रिकॉर्ड पर बैंक भरोसा कर सकते हैं। स्टूडेंट के मातापिता, गार्जियन या कोई दूसरा रिश्तेदार को-साइनर बन सकता है। उसके पास इनकम का प्रूफ, टैक्स रिटर्न जैसे डॉक्युमेंट होने चाहिए।

एडमिशन प्रूफ, कोर्स फीस और कमाई की संभावना

बैंक स्टूडेंट से एडमिशन लेटर मांगते हैं। वे देखते हैं कि स्टूडेंट जिस कोर्स में एडमिशन ले रहा है उसका फीस स्ट्रक्चर कैसा है। बैंक यह देखते हैं कि कोर्स को पूरा करने के बाद स्टूडेंट कितनी कमाई कर सकता है। स्टूडेंट का एकैडमिक रिकॉर्ड कैसा है। बैंक यह सुनिश्चित करते हैं कि कोर्स पूरा होने के बाद स्टूडेंट को लोन के पैसे चुकाने में दिक्कत नहीं आएगी।

इंटरेस्ट रेट्स, ग्रेस पीरियड और रीपेमेंट सपोर्ट

आपको बगैर क्रेडिट स्कोर बैंक लोन दे रहा है, इसका मतलब यह नहीं है कि आप बैंक की उन शर्तों को भी मान लेंगे, जो आपके फेवर में नहीं हैं। स्टूडेंट को कई बैंकों के एजुकेशन लोन के इंटरेस्ट रेट की तुलना करनी चाहिए। यह देखना चाहिए कि स्टडी के दौरान बैंक मोरेटोरियम या डेफरमेंट ऑफर कर रहा है या नहीं। इस पर भी गौर करना जरूरी है कि जल्द लोन चुकाने पर बैंक किसी तरह की पेनाल्टी तो नहीं लगाएगा।

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पढ़ाई के दौरान क्रेडिट हिस्ट्री बनाने पर फोकस

बैंक से एजुकेशन लोन एप्रूव्ड हो जाने पर पढ़ाई के दौरान स्टूडेंट अपनी क्रेडिट हिस्ट्री बनाने की कोशिश कर सकता है। आप छोटे अमाउंट के सेक्योर्ड क्रेडिट कार्ड ले सकते हैं। अपने लोन के कुछ हिस्सा का रीपमेंट तय समय से पहले कर सकते हैं। इससे आपकी अच्छी क्रेडिट हिस्ट्री बन सकता है। इससे भविष्य में लोन लेने में आसानी हो सकती है।

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