EPFO: ईपीएफओ पासबुक एक ऐसा डॉक्यूमेंट है जिसके जरिये कर्मचारी अपने पीएफ का बैलेंस जान सकते हैं। ये आपको आपके कर्मचारी भविष्य निधि (Employee Provident Fund - EPF) खाते के बैलेंस की जानकारी देता है। पीएफ खाते में आपके और आपके नियोक्ता के जमा किये पैसे के साथ ब्याज की भी जानकारी होती है। सरकार ईपीएफ खाते पर ब्याज देती है। इसमें आपके निकाले गए पैसे की भी जानकारी होती है। पासबुक आपके ईपीएफ खाते को ट्रैक करने और बैलेंस बताने के लिए सबसे जरूरी डॉक्यूमेंट है। इससे यह पता चलता है कि आपका योगदान सही तरीके से हो रहा है या नहीं।
ईपीएफओ श्रम और रोजगार मंत्रालय (Ministry of Labour and Employment) के तहत भारत सरकार का एक निकाय है। ईपीएफओ भारत में संगठित क्षेत्र में कर्मचारियों के लिए भविष्य निधि, पेंशन और बीमा योजनाओं के मैनेजमेंट का काम करता है।
ईपीएफओ अपने सदस्यों को अलग-अलग ऑनलाइन सर्विस देने का काम करता है। ऑनलाइन सर्विस में रजिस्ट्रेशन, बैलेंस अमाउंट, अकाउंट की जांच और क्लेम निपटाने का काम करता है। EPFO का एक ऑनलाइन पोर्टल है, जिस पर तमाम जानकारी मिलती है। ये एक ऐसा ऑनलाइन पोर्टल है जिस पर कर्मचारी और नियोक्ता अपने खातों तक पहुंच सकते हैं और सर्विस का फायदा उठा सकते हैं।
आप ईपीएफओ वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए अपनी ईपीएफओ पासबुक ऑनलाइन एक्सेस कर सकते हैं। ऐसा करने के लिए आपको अपने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) और पासवर्ड की जरूरत होगी। एक बार लॉग इन करने के बाद आप पासबुक के टैब पर क्लिक करके अपनी पासबुक देख सकते हैं।
क्या मेंबर पासबुक में इंटरेस्ट अपडेट करने में देरी से ईपीएफ मेंबर्स को होगा नुकसान?
ईपीएफओ के मुताबिक सदस्य की पासबुक को ब्याज सहित अपडेट करना एक एंट्री प्रोसेस है। जिस तारीख को सदस्य की पासबुक में ब्याज दर्ज किया जाता है, उसका कोई फाइनेंशियल असर नहीं होता है। जिस साल फाइनेंशिलय ईयर खत्म होता है उसके बाद अकाउंट में ब्याज का पैसा जोड़ दिया जाता है।