भारत सरकार ने राहत पैकेज के दौरान ऐलान किया था कि अगले तीन महीने तक EPF में कर्मचारियों का कंट्रीब्यूशन 12 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी किया जाएगा। सरकार का यह फैसला आज से लागू हो गया है। सरकार ने यह फैसला कर्मचारियों की मर्जी पर छोड़ा है कि वह 10 फीसदी PF कटवाकर ज्यादा सैलरी लेना चाहते हैं या 12 फीसदी PF कटवाना चाहते हैं।
क्या यह आपके फायदे में है?
अगर आप भी ये सोच रहे हैं कि PF में कंट्रीब्यूशन घटाकर सैलरी बढ़ा लें तो पहले एक चीज समझ लीजिए। अगर आपकी सैलरी बढ़ेगी तो उसपर आपको ज्यादा टैक्स भी देना पड़ेगा। क्यों? क्योंकि जो रकम PF के कॉन्ट्रिब्यूशन में जाता है वह टैक्स फ्री होती है लेकिन अगर आप वो पैसा सैलरी के तौर पर लेंगे तो वह टैक्सेबल इनकम बन जाएगी। और आपको उस पर टैक्स देना पड़ेगा।
क्या कंपनियां देंगी फायदा?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि कर्मचारी और कंपनी, दोनों को ही 2-2 फीसदी कटौती करने का अधिकार मिला है। अगर कंपनी भी आपको फायदा देती है तो आपकी सैलरी में 4 फीसदी का इजाफा हो सकता है। यानी आपकी सैलरी 4 फीसदी ज्यादा टैक्सेबल होगी। लेकिन इस बात की उम्मीद कम है कि कंपनी इस दौर में अपने कर्मचारियों को यह फायदा देगी।
एक नुकसान यह भी
अगर आप PF में कंट्रीब्यूशन कम करते हैं तो भविष्य के लिए आपकी बचत भी कम होती है। इसका मतलब ये हुआ कि एकतरफ आप आगे के लिए बचत कम कर पा रहे हैं और दूसरी तरफ जो अतिरिक्त रकम सैलरी के तौर पर मिल रही है वो भी टैक्सेबल है।
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