कई लोग कुछ समय के लिए करियर से ब्रेक लेना चाहते हैं। इसकी वजह अलग-अलग हो सकती है। कुछ लोग फ्रीलान्सिंग शुरू करना चाहते है। कुछ अपना बिजनेस स्टार्ट करना चाहते हैं। ऐसे में एक बड़ा सवाल एंप्लॉयी के ईपीएफ में जमा पैसे को लेकर होता है। नौकरी छोड़ते ही ईपीएफ अकाउंट में एंप्लॉयी का पैसा जाना बंद हो जाता है। सवाल है कि क्या एंप्लॉयी को ईपीएफ में जमा पैसा निकाल लेना चाहिए?
क्या ईपीएफ रिटायरमेंट प्लानिंग का हिस्सा है?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि कई लोग नौकरी छोड़ने के बाद एक बड़ी गलती करते हैं। वे अपने ईपीएफ में जमा पैसे निकाल लेते हैं। तब वह यह नहीं जानते कि यह गलती लंबी अवधि में उनके लिए बड़े नुकसान का सबब हो सकती है। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि ज्यादातर लोग यह नहीं समझते कि ईपीएफ में जमा पैसा आपके लॉन्ग टर्म रिटायरमेंट प्लानिंग का हिस्सा है।
नौकरी छोड़ने पर ईपीएफ पर इंटरेस्ट मिलना बंद हो जाता है?
कई लोग यह समझते हैं कि नौकरी छोड़ने के बाद ईपीएफ में जमा पैसे पर इंटरेस्ट मिलना बंद हो जाता है। यह सच नहीं है। ईपीएफओ एंप्लॉयी के नौकरी छोड़ने के बाद भी उसके ईपीएफ अकाउंट में जमा पैसे पर इंटरेस्ट देता है। यह पैसा आपके 58 साल तक होने तक मिलता रहता है। अगर 58 साल के होने पर आप काम करना बंद कर देते हैं तो ईपीएफ मैक्सिमम 3 साल तक ईपीएफ में जमा पैसे पर इंटरेस्ट देता है।
ईपीएफ में जमा पैसा किस तरह बढ़ता है?
ईपीएफ जैसे रिटायरमेंट फंड में जमा पैसे को बढ़ाने में कंपाउंडिंग का बड़ा हाथ है। ईपीएफ में जमा पैसे पर सालाना 8.25 फीसदी के रेट से इंटरेस्ट मिलता है। यह पैसा हर साल बढ़ता रहता है। लंबी अवधि में यह ग्रोथ आपके पैसे को काफी बढ़ा देती है। नौकरी छोड़ने पर यह पैसा निकाल लेने पर आप कंपाउंडिंग का फायदा उठाने का मौका चूक जाते हैं। इससे लंबी अवधि में आपको बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है।
ईपीएफ विड्रॉल पर टैक्स के नियम क्या हैं?
अगर नौकरी 5 साल पूरी होने से पहले एंप्लॉयी ईपीएफ से पैसे निकालता है तो उस पर टैक्स लगता है। लेकिन, अगर नौकरी के 5 साल पूरे हो गए हैं तो ईपीएफ से पैसे निकालने पर टैक्स नहीं लगता है। कई लोग इस बात को नहीं जानते हैं। अगर आप नौकरी छोड़ने का प्लान बना रहे हैं और नौकरी के 5 साल पूरा होने में कुछ महीने का समय बचा है तो आपको 5 साल पूरे होने तक इंतजार कर लेना चाहिए।
अगर नई जॉब ज्वाइन करने का प्लान हो तो?
अगर आप एक नौकरी छोड़कर दूसरी ज्वाइन करना चाहते हैं तो आप अपने ईपीएफ अकाउंट को नए एंप्लॉयर के पास ट्रांसफर करा सकते हैं। यूनिवर्सल अकाउंट नबंर (UAN) की शुरुआत के बाद से ईपीएफ अकाउंट को ट्रांसफर कराना बहुत आसान हो गया है। इसे ऑनलाइन भी ट्रांसफर कराया जा सकता है।