EPF में पैसा पड़ा है, फिर भी ब्याज बंद होने का डर; जानिए कब नहीं मिलता इंटरेस्ट

क्या EPF खाते में पैसा छोड़ देने से हमेशा ब्याज मिलता रहता है? जवाब है नहीं। कुछ परिस्थितियों में आपका EPF खाता इनऑपरेटिव हो जाता है और ब्याज मिलना बंद हो सकता है। जानिए EPFO के नियम क्या कहते हैं।

अपडेटेड Jul 27, 2026 पर 3:15 PM
अगर आप नौकरी बदल रहे हैं, तो EPF निकालने के बजाय उसे नए नियोक्ता के खाते में ट्रांसफर करना बेहतर होता है।

अगर आपको लगता है कि EPF खाते में पैसा छोड़ देने से उस पर हमेशा ब्याज मिलता रहेगा, तो ऐसा जरूरी नहीं है। कुछ हालात में आपका पैसा खाते में पड़ा रहता है, लेकिन उस पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है। फिलहाल EPFO वित्त वर्ष 2025-26 के लिए EPF पर 8.25% सालाना ब्याज दे रहा है, लेकिन यह हर खाते पर हमेशा लागू नहीं रहता।

कब बंद हो जाता है ब्याज?

  • EPFO के नियमों के मुताबिक, जब आपका EPF खाता इनऑपरेटिव (Inoperative) हो जाता है, तब उस पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है।
  • अगर कोई कर्मचारी 55 साल या उसके बाद रिटायर होता है, तो रिटायरमेंट के 3 साल बाद उसका खाता इनऑपरेटिव माना जाता है। इसके बाद ब्याज नहीं मिलता।
  • अगर कोई कर्मचारी 55 साल से पहले रिटायर होता है, तो उसे 58 साल की उम्र तक ब्याज मिलता रहता है। इसके बाद खाता इनऑपरेटिव हो जाता है।
  • उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति 60 साल की उम्र में रिटायर होता है, तो उसे 63 साल की उम्र तक EPF पर ब्याज मिलता रहेगा।

विदेश चले गए तो क्या होगा?


अगर कोई व्यक्ति स्थायी रूप से विदेश चला जाता है, तो नियम अलग हो सकते हैं। विदेश में बसने के बाद EPF का पैसा तय समय तक नहीं निकाला जाता, तो खाता इनऑपरेटिव हो सकता है और ब्याज मिलना बंद हो सकता है।

हालांकि, सिर्फ NRI बन जाने से ब्याज अपने-आप बंद नहीं होता। यह इस बात पर निर्भर करता है कि EPF योजना के कौन-से नियम आप पर लागू होते हैं।

नौकरी बदलने पर क्या होगा?

अगर आपने नौकरी बदल ली है, कुछ समय के लिए बेरोजगार हैं या करियर ब्रेक लिया है, तो सिर्फ इसी वजह से ब्याज बंद नहीं होता। जब तक आपका खाता इनऑपरेटिव नहीं होता, तब तक ब्याज मिलता रहता है।

EPF का पैसा कब नहीं निकालना चाहिए?

अगर आप नौकरी बदल रहे हैं, तो EPF निकालने के बजाय उसे नए नियोक्ता के खाते में ट्रांसफर करना बेहतर होता है। अगर कुछ समय बाद दोबारा नौकरी करने वाले हैं, तब भी पैसा खाते में रहने देना फायदेमंद हो सकता है। इससे कंपाउंडिंग का फायदा मिलता रहता है।

हालांकि, अगर खाता इनऑपरेटिव होने वाला है और ब्याज बंद होने की संभावना है, तो अपने रिटायरमेंट प्लान के हिसाब से पैसा निकालने या दूसरे निवेश विकल्पों पर विचार किया जा सकता है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

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