अगर आपको लगता है कि EPF खाते में पैसा छोड़ देने से उस पर हमेशा ब्याज मिलता रहेगा, तो ऐसा जरूरी नहीं है। कुछ हालात में आपका पैसा खाते में पड़ा रहता है, लेकिन उस पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है। फिलहाल EPFO वित्त वर्ष 2025-26 के लिए EPF पर 8.25% सालाना ब्याज दे रहा है, लेकिन यह हर खाते पर हमेशा लागू नहीं रहता।
विदेश चले गए तो क्या होगा?
अगर कोई व्यक्ति स्थायी रूप से विदेश चला जाता है, तो नियम अलग हो सकते हैं। विदेश में बसने के बाद EPF का पैसा तय समय तक नहीं निकाला जाता, तो खाता इनऑपरेटिव हो सकता है और ब्याज मिलना बंद हो सकता है।
हालांकि, सिर्फ NRI बन जाने से ब्याज अपने-आप बंद नहीं होता। यह इस बात पर निर्भर करता है कि EPF योजना के कौन-से नियम आप पर लागू होते हैं।
नौकरी बदलने पर क्या होगा?
अगर आपने नौकरी बदल ली है, कुछ समय के लिए बेरोजगार हैं या करियर ब्रेक लिया है, तो सिर्फ इसी वजह से ब्याज बंद नहीं होता। जब तक आपका खाता इनऑपरेटिव नहीं होता, तब तक ब्याज मिलता रहता है।
EPF का पैसा कब नहीं निकालना चाहिए?
अगर आप नौकरी बदल रहे हैं, तो EPF निकालने के बजाय उसे नए नियोक्ता के खाते में ट्रांसफर करना बेहतर होता है। अगर कुछ समय बाद दोबारा नौकरी करने वाले हैं, तब भी पैसा खाते में रहने देना फायदेमंद हो सकता है। इससे कंपाउंडिंग का फायदा मिलता रहता है।
हालांकि, अगर खाता इनऑपरेटिव होने वाला है और ब्याज बंद होने की संभावना है, तो अपने रिटायरमेंट प्लान के हिसाब से पैसा निकालने या दूसरे निवेश विकल्पों पर विचार किया जा सकता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।