नई नौकरी शुरू करते वक्त आमतौर पर सैलरी, ऑफर लेटर और नई जिम्मेदारियों पर ध्यान जाता है। लेकिन एक जरूरी फाइनेंशियल काम अक्सर छूट जाता है- EPF अकाउंट को सही तरीके से अपडेट और ट्रांसफर करना। यही छोटी सी चूक आगे चलकर बड़ा नुकसान करा सकती है।
नई नौकरी शुरू करते वक्त आमतौर पर सैलरी, ऑफर लेटर और नई जिम्मेदारियों पर ध्यान जाता है। लेकिन एक जरूरी फाइनेंशियल काम अक्सर छूट जाता है- EPF अकाउंट को सही तरीके से अपडेट और ट्रांसफर करना। यही छोटी सी चूक आगे चलकर बड़ा नुकसान करा सकती है।
EPFO ने क्यों दी चेतावनी
एंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) ने हाल ही में कहा है कि कर्मचारी अपने PF रिकॉर्ड में Date of Joining और Date of Exit जरूर जांचें। इन तारीखों में जरा सी गलती भी PF बैलेंस, पेंशन और क्लेम प्रोसेस पर असर डाल सकती है।
गलत तारीख से क्या-क्या नुकसान
Kustodian.life के फाउंडर कुणाल काबरा के मुताबिक, गलत EPF एग्जिट डेट आपकी पूरी सर्विस हिस्ट्री को बिगाड़ सकती है। इससे यह गलत दिख सकता है कि आपने कितने समय तक नौकरी की है, जिसका असर आगे PF कैलकुलेशन और क्लेम पर पड़ता है।
अगर रिकॉर्ड में आपकी कुल नौकरी 5 साल से कम दिखती है, तो PF निकालते समय वह टैक्सेबल हो सकता है और उस पर TDS भी कट सकता है।
पेंशन पर भी पड़ता है सीधा असर
एंप्लॉयीज पेंशन स्कीम (EPS) के तहत पेंशन पाने के लिए कम से कम 10 साल की सर्विस जरूरी होती है। अगर डेट की गलती से आपकी सर्विस कम दिखती है, तो आपको मासिक पेंशन नहीं मिलेगी और सिर्फ एकमुश्त रकम मिल सकती है।
इसके अलावा, ऐसी गड़बड़ियों से क्लेम रिजेक्ट होना, PF ट्रांसफर फेल होना और सर्विस हिस्ट्री में गड़बड़ी जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं, जिससे पैसा मिलने में देरी होती है।
पेंशन कैसे तय होती है
EPS के तहत पेंशन एक तय फॉर्मूला से निकाली जाती है:
मंथली पेंशन = (पेंशन योग्य सैलरी × पेंशन योग्य सर्विस) / 70
यहां पेंशन योग्य सैलरी पिछले 60 महीनों की औसत सैलरी होती है, लेकिन एक तय सीमा के साथ। साथ ही, पेंशन योग्य सर्विस कुल नौकरी के वर्षों पर आधारित होती है।
अगर जॉइनिंग या एग्जिट डेट में गलती होती है, तो सर्विस पीरियड कम दिख सकता है। इससे पेंशन की रकम भी घट जाती है। अगर सर्विस 10 साल से नीचे चली जाए, तो पेंशन का हक ही खत्म हो सकता है।
EPF में गलती क्यों होती है
EPF रिकॉर्ड में गड़बड़ी के कई आम कारण होते हैं। जैसे कि पुरानी कंपनी की ओर से एग्जिट डेट अपडेट करने में देरी, नए जॉब में UAN लिंक होने से डेट ओवरलैप होना, पुराने PF अकाउंट का नए से मर्ज न होना, बिना औपचारिक एग्जिट नौकरी छोड़ना या फिर डेटा एंट्री की गलती।
गलती कैसे पहचानें और ठीक करें
इन गलतियों को पहचानना और जल्दी सुधारना जरूरी है। इसके लिए EPFO पोर्टल पर अपनी पासबुक और सर्विस हिस्ट्री चेक करें। सभी कंपनियों की जॉइनिंग और एग्जिट डेट मिलाएं और देखें कि कहीं गैप या ओवरलैप तो नहीं है।
अगर गलती दिखे, तो अपने एम्प्लॉयर के जरिए या EPFO यूनिफाइड पोर्टल पर सुधार के लिए आवेदन करें। अगर आपके कई PF अकाउंट हैं, तो उन्हें मर्ज जरूर कराएं। नौकरी बदलने से पहले दोनों कंपनियों को जानकारी देना भी जरूरी है, ताकि कोई गड़बड़ी न हो।
गलती होने पर क्या विकल्प हैं
अगर रिकॉर्ड में गलती हो जाती है, तो कर्मचारी EPFO पोर्टल पर लॉगिन करके खुद भी कुछ सुधार कर सकते हैं, खासकर जब उस अवधि में कोई योगदान नहीं हुआ हो।
Core Integra के हेड (कंप्लायंस एडवाइजरी) मुनाब अली बैक के मुताबिक, अगर गलती कर्मचारी और कंपनी दोनों की वजह से हुई है, तो जॉइंट डिक्लेरेशन देना होगा। इसमें दी गई जानकारी की जिम्मेदारी कंपनी की होती है।
अगर गलती डेटा एंट्री की है, तो कंपनी को करेक्शन लेटर देना होता है, जिसके आधार पर EPFO अपने सिस्टम में सुधार करता है।
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