EPFO यानी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन कर्मचारियों के लिए EPF अकाउंट चलाता है। ईपीएफ अकाउंट में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों नियमित रूप से योगदान करते हैं, जिससे एक बड़ा फंड लॉन्ग टर्म में तैयार हो जाता है। हालांकि, कई बार जब कर्मचारी ईपीएफ से पैसा निकालने जाते हैं, तो उन्हें पासबुक में दिखाई दे रहा अमाउंट से कम पैसा मिलता है। इस फर्क की वजहें क्या हैं, आइए विस्तार से समझते हैं।
निकालने पर कम क्यों मिलता है पैसा?
EPF पासबुक में जमा अमाउंट हमेशा अधिक दिखती है, लेकिन जब पैसा निकालते हैं तो कम रकम आती है। इसकी मुख्य वजह टैक्स यानी टीडीएस (TDS) नियम हैं। यदि अपनी सर्विस के 5 साल पूरे नहीं किए हैं और आप पैसा निकालते हैं, तो सरकार टीडीएस काट सकती है। यदि आपके पास पैन कार्ड है तो 10% टीडीएस कटता है, लेकिन पैन कार्ड न होने पर यह दर 34.608% तक पहुंच सकती है। हालांकि, 50,000 रुपये से कम पैसा निकालने पर कोई टीडीएस नहीं लगता।
पेंशन फंड और ट्रांसफर में देरी
इसके अलावा, पेंशन फंड में कटौती या पुराने अकाउंट से नए में रकम का ट्रांसफर न होना भी एक कारण हो सकता है। कई बार तकनीकी कारणों से बैलेंस अपडेट नहीं हो पाता और पासबुक में अमाउंट कम दिखाई देता है।
यदि आप नौकरी में हैं तो आप पीएफ का अमाउंट न पूरी तरह से निकाल सकते हैं, न आंशिक रूप से। लेकिन यदि आप बेरोजगार हैं, तो पहले 75% और दो महीने तक बेरोजगारी रहने पर बैलेंस 25% निकाला जा सकता है। हालांकि, इस स्थिति में भी टैक्स की वजह से अमाउंट में कमी आती है।
PF से कैसे निकाल सकते हैं पैसा?
पैसा निकालने से पहले पासबुक को अपडेट करवा लें और फॉर्म-19, 10C सहित सभी जरूरी डॉक्यूमेंट सही तरीके से भरें। आप उमंग ऐप, मिस्ड कॉल या SMS के जरिए भी अपना बैलेंस चेक कर सकते हैं।