Get App

₹4000 तक बढ़ेगी टेक-होम सैलरी, लेकिन रिटायरमेंट पर होगा ₹80 लाख का भारी नुकसान! एक्सपर्ट से समझिए नए EPF नियम का पूरा गणित

EPF Scheme 2026 Lower PF Contribution Rules: नए नियमों के अनुसार EPF में अपना योगदान घटाकर न्यूनतम वैधानिक सीमा पर लाने का विकल्प मिल सकता है। ऐसा करने से आपकी हर महीने हाथ में आने वाली सैलरी तो तुरंत बढ़ जाएगी, लेकिन वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि यह तात्कालिक खुशी आपके रिटायरमेंट के बड़े फंड को भारी चपत लगा सकती है

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Jul 05, 2026 पर 11:14 AM
₹4000 तक बढ़ेगी टेक-होम सैलरी, लेकिन रिटायरमेंट पर होगा ₹80 लाख का भारी नुकसान! एक्सपर्ट से समझिए नए EPF नियम का पूरा गणित
एक्सपर्ट्स समझिए पीएफ में कटौती करने का यह नया नियम क्या है

New EPF Rules Take Home Salary vs Retirement: नए लेबर कोड के तहत मिलने वाली फ्लैक्सिबिलिटी के कारण अब कई कंपनियों में कर्मचारियों को भविष्य निधि (EPF) में अपना योगदान घटाकर न्यूनतम वैधानिक सीमा पर लाने का विकल्प मिल सकता है। ऐसा करने से आपकी हर महीने हाथ में आने वाली सैलरी तो तुरंत बढ़ जाएगी, लेकिन वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि यह तात्कालिक खुशी आपके रिटायरमेंट के बड़े फंड को भारी चपत लगा सकती है।

यह फैसला पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आप हर महीने बचने वाले एक्स्ट्रा पैसे का क्या करेंगे? उसे अनुशासन के साथ सही जगह निवेश करेंगे या सिर्फ खर्च कर देंगे? आइए एक्सपर्ट्स के हवाले से समझते हैं कि पीएफ में कटौती करने का यह नया नियम क्या है और इसके दूरगामी वित्तीय परिणाम क्या हो सकते हैं।

क्या बदल गया है ईपीएफ का नया फ्रेमवर्क?

टैक्सस्पैनर(Taxspanner) के को-फाउंडर और सीईओ सुधीर कौशिक के मुताबिक, ईपीएफ योगदान का मूल सिद्धांत अभी भी 12 प्रतिशत ही है, लेकिन असली पेंच उस 'वेतन आधार' का है जिस पर यह 12% लागू होता है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें