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EPF vs PPF: रिटायरमेंट फंड के लिए कौन सा ऑप्शन है नंबर-1? जानिए किसमें मिलेगा ज्यादा फायदा

EPF vs PPF Retirement Planning: अगर आप किसी ऐसी कंपनी या संस्थान में काम करते हैं जो EPF के तहत कवर है, तो आपके वेतन से हर महीने अपने आप ईपीएफ में कटौती होती है। वहीं पीपीएफ किसी कंपनी या नौकरी से बंधा हुआ नहीं होता। इसे कोई भी नागरिक अपने बैंक या पोस्ट ऑफिस में जाकर खुलवा सकता है

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Aug 09, 2026 पर 10:28 AM
EPF vs PPF: रिटायरमेंट फंड के लिए कौन सा ऑप्शन है नंबर-1? जानिए किसमें मिलेगा ज्यादा फायदा
ईपीएफ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि जितना योगदान आपकी बेसिक सैलरी से कटता है, उतना ही हिस्सा आपकी कंपनी भी जमा करती है

EPF vs PPF Retirement Planning: जब भी नौकरीपेशा लोगों के लिए रिटायरमेंट प्लानिंग की बात आती है, तो दो नाम सबसे पहले सामने आते हैं एंप्लॉई प्रोविडेंट फंड (EPF) और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)। दोनों ही योजनाएं सरकार द्वारा समर्थित हैं, लंबी अवधि की बचत के लिए हैं और टैक्स छूट का फायदा भी देती हैं। यही वजह है कि इन दोनों में से किसी एक को चुनना काफी उलझन भरा काम लगता है।

हालांकि, वित्तीय सलाहकारों का मानना है कि यह 'EPF बनाम PPF' की जंग नहीं है। दोनों स्कीम्स के अपने अलग-अलग फायदे और उद्देश्य हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि एक सैलरीड कर्मचारी को किसे पहले चुनना चाहिए।

EPF: ऑटोमैटिक बचत और एंप्लॉयर का योगदान

अगर आप किसी ऐसी कंपनी या संस्थान में काम करते हैं जो EPF के तहत कवर है, तो आपके वेतन से हर महीने अपने आप ईपीएफ में कटौती होती है। ईपीएफ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि जितना योगदान आपकी बेसिक सैलरी से कटता है, उतना ही हिस्सा आपकी कंपनी भी जमा करती है। यह एक ऐसा एक्स्ट्रा फायदा है जो आपको PPF में नहीं मिलता।

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