EPF Account में हर साल इंटरेस्ट का पैसा आने में क्यों होती है देर?

फिनटेक टूल्स और ऑटोमेटेड पेआउट जैसी सुविधाओं के बीच इंटरेस्ट का पैसा EPFO के सब्सक्राइबर के अकाउंट में करीब छह महीने देर से आना चौंकाने वाला है

अपडेटेड Sep 26, 2022 पर 10:20 PM

EPFO के 6 करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर्स के लिए दिवाली से पहले अच्छी खबर आई है। फाइनेंस मिनिस्ट्री (Finance Ministry) ने 8.5 फीसदी इंटरेस्ट रेट को रेटिफाय कर दिया है। ईपीएफओ के सीबीटी ने मार्च में इसकी इजाजत दे दी थी। अब फाइनेंशियल ईयर 2021-22 के लिए इंटरेस्ट का पैसा सब्सक्राइबर्स के अकाउंट में आ जाएगा।

सवाल यह है कि ईपीएफ के इंटरेस्ट का पैसा हर साल सब्सक्राइबर्स के अकाउंट में आने में देर क्यों होती है? EPFO के ट्विटर हैंडल की टाइमलाइन पर आपको इससे जुड़ी कई शिकायतें दिख जाएंगी। आज फिनटेक टूल्स और ऑटोमेटेड पेआउट के बीच इंटरेस्ट का पैसा सब्सक्राइबर के अकाउंट में करीब छह महीने देर से आना चौंकाने वाला है।

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इसकी सबसे बड़ी वजह लंबा ब्यूरोक्रेटिक प्रोसेस और टाइम-कंज्यूमिंग पेपरवर्क है। फाइनेंशियल ईयर में इंटरेस्ट रेट के बारे में ऐलान के लिए मार्च में सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी की मीटिंग होती है। फिर प्रस्ताव फाइनेंस मिनिस्ट्री के भेजा जाता है। एप्रूवल मिलने के बाद लेबर मिनिस्ट्री इंटरेस्ट रेट को नोटिफाय करता है। उसके बाद सब्सक्राइबर्स के अकाउंट में इंटरेस्ट का पैसा डालने का प्रोसेस शुरू हो जाता है।

फाइनेंस मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने मनीकंट्रोल को बताया, "इस साल रेटिफिकेशन में देर की वजह यह है कि लेबर मिनिस्ट्री ने हमारे पास डॉक्युमेंट फॉरवर्ड करने में देर की।" टीमलीज सर्विसेज के वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत सिंह ने कहा, "ईपीएफ अकाउंट्स में पैसे भेजने के लिए केंद्र सरकार को बड़े फंड की जरूरत पड़ती है। इस बारे में फाइनेंश मिनिस्ट्री डेटा को वैलिडेट करने के साथ ही फंड एलोकेट करता है। उसके बाद सब्सक्राइबर्स के अकाउंट में पैसा क्रेडिट होता है।"

इंडिया पोस्ट की स्मॉल सेविंग्स अकाउंट्स में पैसे क्रेडिट होने में बहुत मुश्किल नहीं आती है। इनमें सेविंग्स, सीनियर सिटीजंस सेविंग स्कीम, सुकन्या समृद्धि अकाउंट, पीपीएफ आदि शामिल हैं। हर साल हर तिमाही के लिए फाइनेंस मिनिस्ट्री इंटरेस्ट रेट एप्रूव करती है। उसके बाद पैसा बगैर किसी देर के क्रेडिट कर दिया जाता है।

मर्सर इंडिया की बिजनेस लीडर प्रीति चंद्रशेखर ने कहा, "देरी की वजह के बारे में बहुत ज्यादा जानकारी उपलब्थ नहीं है। एक वजह लेबर मिनिस्ट्री की तरफ से फाइनेंस मिनिस्ट्री को भेजे जाने वाले डॉक्युमेंट में देर हो सकती है, क्योंकि ईपीएफ का पेमेंट दूसरी सेविंग्स स्कीम के मुकाबले बहुत ज्यादा होता है।"

कई एंप्लॉयीज इंटरेस्ट पेमेंट में देरी पर नाखुशी जताते रहते हैं। EPFO हैंडल से एक ही रिस्पॉन्स आता है, "जब कभी इंटरेस्ट क्रेडिट होगा इसका एक्युमेलेटेड फुल पेमेंट हो जाएगा। इंटरेस्ट मनी को कोई लॉस नहीं होगा।"

प्लानरूपी फाइनेंशियल सर्विसेज के फाउंडर अमोल जोशी ने कहा, "आज के समय में किसी तरह की देर नहीं होनी चाहिए। बैंकिंग सिस्टम्स में करोड़ों अकाउंट हैं, लेकिन सबको समय पर इंटरेस्ट का पेमेंट होता है। अगर सभी एंटिटीज प्रोसेस को जल्द पूरा करें तो ईपीएफओ भी जल्द पेमेंट कर सकता है।"

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