PF Withdrawal: पीएफ से पैसा निकालने के नियमों में बड़ा बदलाव! EPFO ने TDS छूट के लिए इस फॉर्म को घोषित किया अमान्य

EPF Withdrawal Rules: पीएफ से पैसा निकालने के नियमों में बड़ा बदलाव हुआ है। EPF निकासी पर TDS छूट के लिए फॉर्म 15G और 15H अमान्य कर दिए गए हैं। EPFO के नए दिशानिर्देशों के तहत अब आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 393(6) के अनुसार केवल 'फॉर्म 121' ही मान्य होगा। यह फॉर्म उन करदाताओं के लिए है जिनकी सालाना कुल टैक्स देनदारी शून्य है। जानिए क्या-क्या बदला

अपडेटेड Oct 09, 2026 पर 4:55 PM
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EPF निकासी पर TDS छूट के लिए फॉर्म 15G और 15H अमान्य कर दिए गए हैं

EPF Withdrawal Rules Change: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की तरफ से एक बड़ा अपडेट सामने आया है। EPFO ने महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी करते हुए बताया है कि टैक्स वर्ष 2026-27 से EPF निकासी पर TDS छूट का दावा करने के लिए अब फॉर्म 15G और फॉर्म 15H मान्य नहीं होंगे। पीएफ अंशधारकों को अब इनकम-टैक्स एक्ट, 2025 के तहत TDS छूट का दावा करने के लिए फॉर्म 121 जमा करना अनिवार्य होगा।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए EPFO ने कहा, 'EPF TDS छूट का दावा करने के लिए फॉर्म 15G या 15H अब मान्य नहीं है। टैक्स वर्ष 2026-27 से आयकर अधिनियम, 2025 के अनुसार फॉर्म 121 जमा करके ही TDS छूट का दावा किया जा सकता है।'

पहले क्या थे प्रावधान?


किंग स्टब्ब एंड कासिवा एडवोकेट्स एंड अटॉर्नीज के पार्टनर आदित्य भट्टाचार्य के अनुसार, इससे पहले निवासी करदाताओं को अपनी उम्र और पात्रता के आधार पर फॉर्म 15G या फॉर्म 15H में से किसी एक को चुनना होता था:

फॉर्म 15G: 60 वर्ष से कम आयु के उन व्यक्तियों के लिए था जिनकी अनुमानित कुल आय कर योग्य सीमा से कम होती थी।

फॉर्म 15H: 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए था।

EPF सदस्यों के लिए सबसे बड़ा बदलाव यह है कि ये दोनों फॉर्म अब टैक्स वर्ष 2026-27 से TDS छूट के लिए अमान्य कर दिए गए हैं। नतीजतन, अगर कोई सदस्य अब EPF विथड्रॉल के लिए फॉर्म 15G या 15H जमा करता है, तो उसे TDS कटने से नहीं रोका जा सकेगा।

क्या बदला है और क्या नहीं?

फॉर्म 15G और 15H से हटाकर एकल फॉर्म 121 को लागू करना केवल एक प्रक्रियात्मक सरलीकरण है, न कि किसी नए टैक्स की शुरुआत। आयकर अधिनियम, 2025 जो 1 अप्रैल 2026 से लागू हुआ है, योग्य निवासी करदाताओं को धारा 393(6) के तहत एक समेकित घोषणापत्र जमा करने की अनुमति देता है, जब उन्हें उम्मीद हो कि उस वर्ष के लिए उनकी कुल कर देनदारी शून्य होगी।

आदित्य भट्टाचार्य ने इस पर विस्तार से समझाते हुए कहा, 'यह स्पष्ट रूप से समझना आवश्यक है कि फॉर्म 121 क्या करता है। यह आपकी निकासी को अपने-आप टैक्स-फ्री नहीं बनाता है। यह केवल एक पात्र व्यक्ति को जिसकी वर्ष के लिए अनुमानित कुल आय पर कोई टैक्स नहीं बनता, यह अनुरोध करने की अनुमति देता है कि स्रोत पर टैक्स (TDS) न काटा जाए।

यह पूरी तरह से वैकल्पिक है और अनिवासियों या ऐसे लोगों के लिए उपलब्ध नहीं है जिन पर वास्तव में टैक्स बनता है। इसके अलावा, EPFO के निर्देशों के तहत एक वैध पैन कार्ड होना अनिवार्य है; बिना पैन के जमा किया गया घोषणापत्र अमान्य माना जाएगा। इसलिए सदस्यों को इसे जमा करने से पहले अपनी पात्रता की जांच कर लेनी चाहिए।'

EPFO का नया ऑनलाइन सिस्टम और यूनिक नंबर

EPFO ने अपने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को प्राप्त होने वाले प्रत्येक फॉर्म 121 के लिए एक यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर जारी करने और ऑनलाइन सबमिशन व ई-साइनिंग की सुविधा प्रदान करने का निर्देश दिया है।

टैक्स विशेषज्ञों का मानना है कि इन कदमों से TDS रिपोर्टिंग अधिक पारदर्शी, सटीक और ट्रैसेबल बनेगी। उनकी सलाह है कि पीएफ से पैसा निकालने की योजना बना रहे सदस्यों को कटौतियों का इंतजार करने और फिर रिफंड का दावा करने के बजाय, शुरुआत से ही नए फॉर्म 121 का उपयोग करना चाहिए।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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