EPFO 3.0: ATM से PF निकाला, तो क्या खतरे में आ जाएगी पेंशन? एक्सपर्ट से जानिए जवाब

EPFO 3.0 में ATM से PF निकालने की सुविधा आ सकती है, लेकिन क्या इससे पेंशन पर असर पड़ेगा? जानिए EPF और EPS के नियम, निकासी लिमिट और एक्सपर्ट की राय क्या कहती है इस बदलाव पर।

अपडेटेड Apr 15, 2026 पर 11:03 PM
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पेंशन फंड का पैसा सामान्य तौर पर सीधे नहीं निकाला जा सकता।

EPFO 3.0 के प्रस्तावित ढांचे के तहत जल्द ही कर्मचारियों को अपने EPF खाते से ATM कार्ड के जरिए पैसा निकालने की सुविधा मिल सकती है। यह सुविधा सुनने में आसान और सुविधाजनक लगती है। लेकिन खासकर रिटायरमेंट के करीब पहुंचे कर्मचारियों के मन में कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर कोई कर्मचारी अपने EPF बैलेंस का बड़ा हिस्सा, जैसे 75% तक निकाल लेता है, तो क्या इससे उसकी सर्विस कंटिन्यूटी टूट जाएगी और EPS के तहत मिलने वाली पेंशन पर असर पड़ेगा।

EPF और EPS में साफ अंतर


नियम इस मामले में बिल्कुल साफ हैं। ATM से निकासी की सुविधा सिर्फ EPF कॉर्पस पर लागू होगी, यानी वह रकम जिसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का योगदान होता है।

यहां भी निकासी की सीमा तय है, अधिकतम 75% तक ही पैसा निकाला जा सकता है। इससे ज्यादा निकालने की अनुमति नहीं है।

पेंशन फंड अलग और सुरक्षित

सबसे जरूरी बात यह है कि EPS यानी पेंशन फंड पूरी तरह अलग होता है। इसमें जमा रकम इस ATM सुविधा के तहत नहीं निकाली जा सकती।

यही वजह है कि पेंशन की पात्रता EPF बैलेंस से नहीं, बल्कि EPS के तहत दर्ज सेवा अवधि से तय होती है।

एक्सपर्ट क्या कहते हैं

Core Integra में Compliance Advisory के हेड मुनाब अली बैक के अनुसार, Provident Fund से आंशिक निकासी का कर्मचारी की सेवा अवधि, पेंशन फंड योगदान या पेंशन पाने की पात्रता पर कोई असर नहीं पड़ता।

यह जानकारी खासकर 50 साल के आसपास के कर्मचारियों के लिए अहम है। अगर कोई 50 साल का कर्मचारी अपने EPF का बड़ा हिस्सा निकाल भी लेता है, तो उसका EPS सर्विस रिकॉर्ड रीसेट नहीं होगा। जब तक वह कम से कम 10 साल की पात्र सेवा पूरी करता है, तब तक उसे पेंशन का अधिकार बना रहेगा।

नौकरी छोड़ने पर क्या नियम हैं

अगर कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ देता है, तो उसे पेंशन स्कीम के योगदान का दावा करने के लिए 36 महीने का इंतजार करना होता है। इसके अलावा, 55 साल की उम्र पूरी होने पर या स्थायी विकलांगता की स्थिति में भी निकासी की अनुमति होती है।

क्या पूरा पैसा निकालने से असर पड़ेगा

कई लोगों को यह भी डर होता है कि अगर वे नौकरी छोड़ने के बाद अपने EPF का लगभग पूरा पैसा निकाल लेते हैं, तो पेंशन पर असर पड़ेगा।

लेकिन नियम यहां भी साफ हैं- EPF और EPS अलग-अलग खाते हैं। एक से निकासी करने का दूसरे पर कोई असर नहीं पड़ता।

पेंशन फंड कब निकाला जा सकता है

पेंशन फंड का पैसा सामान्य तौर पर सीधे नहीं निकाला जा सकता। इसके लिए कुछ खास शर्तें होती हैं, जैसे 36 महीने या उससे ज्यादा का ब्रेक, स्थायी विकलांगता, या 58 साल की उम्र पर पात्रता से जुड़ी स्थिति।

पात्र होने पर पेंशन फंड का अंतिम सेटलमेंट कर्मचारी के खाते में ट्रांसफर किया जाता है।

PF खाताधारक क्या समझें?

कुल मिलाकर, EPFO 3.0 के तहत EPF से पैसा निकालना आसान जरूर हो सकता है, लेकिन इससे पेंशन के नियमों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

यानी अगर आप तय सीमा के भीतर EPF से पैसा निकालते हैं, तो आपकी पेंशन सुरक्षित रहती है। पेंशन की असली कुंजी EPS के तहत आपकी सर्विस अवधि है, न कि आपने कितना पैसा निकाला है।

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