EPFO में ज्यादा पेंशन के लिए अप्लाई करना चाहते हैं? 3 मई इसके लिए अंतिम तारीख है
अगर आप ईपीएफओ में ज्यादा पेंशन के लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो आपको 3 मई तक यह काम पूरा कर लेना होगा। ईपीएफओ ने अपनी वेबसाइट पर इसके लिए एक लिंक एक्टिवेट किया है। एंप्लॉयीज उस लिंक पर उपलब्ध फॉर्म में जरूरी जानकारियां भरकर अप्लाई कर सकते हैं
MoneyControl News
अपडेटेड Apr 26, 2023 पर 2:56 PM
अप्लिकेशन सब्मिट कर देने के बाद एप्लिकेशन को एंप्लॉयर वेरिफाय करेगा। उसके बाद उसे ईपीएफओ ऑफिसर वेरिफाय करेगा।
एक एंप्लॉयी जिसकी सैलरी प्रति माह 15,000 रुपये से अधिक है, उसे सैलरी का 12 फीसदी ईपीएफ में कंट्रिब्यूट करना जरूरी है। एंप्लॉयर भी 12 फीसदी एंप्लॉयी के ईपीएफ अकाउंट में कंट्रिब्यूट करता है। 1 सितंबर, 2014 से पहले ईपीएफओ का सदस्य बनने वाले एंप्लॉयी के मामले में एंप्लॉयर के कंट्रिब्यूशन का 8.33 फीसदी हिस्सा (15,000 रुपये का) पेंशन स्कीम में चला जाता है, जो प्रतिमाह 1,250 रुपये होता है। बाकी पैसा प्रोविडेंट फंड में चला जाता है। सितंबर 2014 में या इसके बाद ईपीएफ स्कीम में शामिल होने वाले एंप्लॉयीज को पेंशन में किसी तरह का कंट्रिब्यूशन नहीं करना है।
1996 में एक संशोधन किया गया। इसके जरिए एंप्लॉयी को पेंशन अकाउंट में ज्यादा कंट्रिब्यूशन का मौका दिया गया। यह कहा गया कि एंप्लॉयी के इस ऑप्शन का इस्तेमाल करने पर ज्यादा सैलरी को पेंशनेबल सैलरी मानी जाएगी। इसके चलते अगर किसी एंप्लॉयी की सैलरी 1 लाख रुपये थी तो वह पेंशन अकाउंट में 8,333 रुपये (1,250 रुपये की जगह) कंट्रिब्यूट कर सकता था। यह बता देना जरूरी है कि 1 सितंबर, 2014 से पहले Statutory Wage Ceiling 6,500 रुपये थी।
यह माना गया कि इस संशोधन के बारे में ज्यादातर एंप्लॉयीज को जानकारी नहीं है, क्योंकि इसके बारे में ज्यादा जानकारी पब्लिक नहीं की गई। इसके अलावा इस ऑप्शन का इस्तेमाल जो एंप्लॉयी करना चाहते थे, उनके अप्लिकेशन को प्रोविडेंट फंड अथॉरिटीज रिजेक्ट कर देते थे। वे बताते थे कि इसकी समयसीमा खत्म हो गई है।
अगस्त 2014 में सरकारी की तरफ से एक नोटिफिकेशन जारी किया गया। इसमें यह कहा गया कि जो एप्लॉयीज ज्यादा पेंशन के लिए कंट्रिब्यूट करना चाहते हैं वे ईपीएफओ को नया अप्लिकेशन दे सकते हैं। यह अप्लिकेशन 1 सितंबर, 2014 से छह महीने के अंदर देना था। यह देखा गया कि ईपीएफओ के ऑफिसर्स कुछ एंप्लॉयीज के अप्लिकेशंस एक्सेप्ट नहीं कर रहे थे। इस वजह से वे इस ऑप्शन का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे थे। इसके मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2022 में यह फैसला दिया कि सितंबर 2014 में नोटिफिकेशन के जरिए किया गया संशोधन वैलिड था। हमने इस फैसले के असर के बारे में नीचे बताया है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का असर
निम्नलिखित एंप्लॉयीज ज्यादा सैलरी पर पेंशन में कंट्रिब्यूशन के ऑप्शन का इस्तेमाल कर सकते हैं
-जो एंप्लॉयीज ज्यादा सैलरी (6,500/15,000 रुपये) पर पीएफ में कंट्रिब्यूशन कर रहे हैं, और
-जो सर्विस से 1 सितंबर, 2014 को या उसके बाद रिटायर हो गए हैं या अब भी सर्विस में हैं, और
- जिन्होंने 22 अगस्त, 2014 के नोटिफिकेशन के आधर ज्यादा सैलरी पर पेंशन में कंट्रिब्यूशन के ऑप्शन का इस्तेमाल नहीं किया है
1. पहले के पीरियड के कंट्रिब्यूशन के लिए एंप्लॉयीज एंप्लॉयर के साथ एक ज्वाइंट अप्लिकेश दे सकते हैं। इसमें सैलरी में अमाउंट के फर्क को ईपीएफ से ईपीएस में डायवर्ट करने की गुजारिश होगी।
2. ज्यादा पेंशन के लिए अप्लाई करने वाले एंप्लॉयीज को अतिरिक्त 1.16 फीसदी कंट्रिब्यूशन को एंप्लॉयी के प्रोविडेंट फंड कंट्रिब्यूशन से पेंशन स्कीम में ट्रांसफर करना पड़ेगा।
3. इसके लिए ज्वाइंट अप्लिकेशन देने के वास्ते समयसीमा 3 मई, 2013 तय की गई है।
4. उपर्युक्त प्रावधान प्राइवेट पीएफ ट्रस्ट्स पर भी लागू होंगे।
5. एक बार इस ऑप्शन का इस्तेमाल करने पर उसे बदला नहीं जा सकेगा।
इस वजह से जो एंप्लॉयीज ज्यादा पेंशन के लिए अप्लाई करना चाहते हैं उन्हें ईपीएस और ईपीएफ में निम्नलिखित कंट्रिब्यूशन करना होगा।
हायर कंट्रिब्यूशन के लिे कैसे अप्लाई करें
इसकी 3 मई, 2023 की डेडलाइन तेजी से करीब आ रही है। इसलिए जो एंप्लॉयीज इसके लिए जरूरी शर्तें पूरी करते हैं वे निर्धारित फॉर्म में ईपीएफओ के पोर्टल पर संबंधित डॉक्युमेंट के साथ अप्लिकेशन सब्मिट कर सकते हैं। इस लिंक का इस्तेमाल UAN Member e-SEWA portal (https://unifiedportal-mem.epfindia.gov.in/memberinterface/) पर किया जा सकता है।
अप्लिकेशन सब्मिट कर देने के बाद एप्लिकेशन को एंप्लॉयर वेरिफाय करेगा। उसके बाद उसे ईपीएफओ ऑफिसर वेरिफाय करेगा। सभी जानकारियां सही पाए जाने पर वह ड्यूज का कैलकुलेशन करेगा। फिर ड्यूज के ट्रांसफर के लिए ऑर्डर पारित होगा। हालांकि, अगर अप्लिकेशन फॉर्म में भरी गई जानकारियों और ईपीएफओ के पास उपलब्ध जानकारियों के मेल नहीं खाने पर एंप्लॉयी और एंप्लॉयर को बता दिया जाएगा। उन्हें अप्लिकेशन को पूरा करने के लिए एक महीना का समय दिया जाएगा।