EPFO E-PRAAPTI Portal: अगस्त के अंत तक आएगा 'ई-प्राप्ति' पोर्टल, बंद पड़े पीएफ खातों का आसानी से निकाल सकेंगे फंसा पैसा

EPFO E PRAAPTI Portal Launch: ईपीएफओ के नियमों के मुताबिक, अगर किसी पीएफ खाते में लगातार 36 महीनों तक कोई नया योगदान नहीं जमा होता है, तो वह खाता 'इनऑपरेटिव' यानी निष्क्रिय मान लिया जाता है। फिलहाल में देश भर में 30.91 लाख से अधिक इनऑपरेटिव पीएफ खाते हैं। इन खातों में लगभग ₹9,330 करोड़ की भारी-भरकम राशि अनक्लेम्ड पड़ी हुई है। अब यूजर इस पोर्टल की मदद से अपने पुराने, बिना UAN वाले या इनऑपरेटिव पीएफ खातों को आसानी से खोज सकेंगे

अपडेटेड Aug 06, 2026 पर 9:28 AM
इस पोर्टल की मदद से आप अपने दशकों पुराने, बिना UAN वाले या इनऑपरेटिव पीएफ खातों को आसानी से खोज सकेंगे

EPFO Inoperative PF Account Recovery: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के उन करोड़ों अंशधारकों के लिए बड़ी राहत की खबर है, जिनका पैसा पुराने या बंद पड़े पीएफ खातों में फंसा हुआ है। ईपीएफओ जल्द ही 'ई-प्राप्ति' (E-PRAAPTI) नामक एक नया डिजिटल पोर्टल लॉन्च करने जा रहा है।

इस पोर्टल की मदद से आप अपने दशकों पुराने, बिना UAN वाले या इनऑपरेटिव पीएफ खातों को आसानी से खोज सकेंगे, उन्हें अपने वर्तमान UAN से लिंक कर सकेंगे और फंसा हुआ पैसा निकाल सकेंगे। रिपोर्ट के अनुसार, ईपीएफओ इस सिस्टम को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए बैक-एंड सॉफ्टवेयर अपग्रेड पर काम कर रहा है और इसे अगस्त 2026 के अंत तक देश भर में लॉन्च किया जा सकता है।

देश में ₹9,330 करोड़ से अधिक का PF पैसा फंसा


ईपीएफओ के नियमों के मुताबिक, अगर किसी पीएफ खाते में लगातार तीन सालों यानी 36 महीने तक कोई नया योगदान नहीं जमा होता है, तो वह खाता 'इनऑपरेटिव' यानी निष्क्रिय मान लिया जाता है। वर्तमान में देश भर में 30.91 लाख से अधिक इनऑपरेटिव पीएफ खाते हैं। इन खातों में लगभग ₹9,330 करोड़ की भारी-भरकम राशि अनक्लेम्ड पड़ी हुई है। कई कर्मचारी नौकरियां बदलने के कारण अपने पुराने मेंबर आईडी (MID) भूल गए हैं या उन्हें वर्तमान UAN से लिंक नहीं करा पाए हैं।

क्या है E-PRAAPTI पोर्टल?

'ई-प्राप्ति' (EPF Aadhaar-Based Access Portal for Tracking Inoperative Accounts) एक समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए पुराने पीएफ खातों की पहचान, ट्रैकिंग, UAN से लिंकिंग और एक्टिवेशन की प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी।

आधार बेस्ड वेरिफिकेशन की मदद से अब मैनुअल सत्यापन की प्रक्रिया बहुत कम हो जाएगी। इससे कर्मचारियों को पुराने नियोक्ताओं या ईपीएफओ दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

कैसे काम करेगा नया E-PRAAPTI पोर्टल?

यह पोर्टल मुख्य रूप से उन सदस्यों के लिए बेहद मददगार होगा जिनके पास 2014 में यूएएन (UAN) व्यवस्था शुरू होने से पहले की पुरानी मेंबर आईडी (MID) है:

सुरक्षित आधार लॉगिन: सब्सक्राइबर शुरुआत में ही भारी-भरकम दस्तावेज जमा किए बिना आधार आधारित ऑथेंटिकेशन से लॉगिन कर सकेंगे।

ऑनलाइन आवेदन: लॉगिन करने के बाद सदस्यों को अपने पुराने पीएफ खाते का ब्योरा भरने के लिए एक ऑनलाइन फॉर्म जमा करना होगा।

ऑटोमैटिक अकाउंट मर्जर या निकासी: अगर सिस्टम में पाई गई पुरानी MID वर्तमान UAN से मैच कर जाती है, तो पुराना पीएफ फंड अपने आप नए खाते में मर्ज हो जाएगा या निकासी की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

नया UAN जनरेट करने की सुविधा: अगर किसी सदस्य के पास पुरानी MID है लेकिन UAN नहीं है, तो पोर्टल भविष्य के लेन-देन के लिए तुरंत नया UAN जनरेट करेगा।

बिना MID वाले मामलों का वेरिफिकेशन: अगर कोई सदस्य अपनी पुरानी MID भूल चुका है, तो उसका आवेदन संबंधित ईपीएफओ क्षेत्रीय कार्यालय को भेजा जाएगा, जहां पहचान का सत्यापन करके क्लेम प्रोसेस किया जाएगा।

पहले चरण में किसे मिलेगा फायदा?

ईपीएफओ के अनुसार, शुरुआत में इस पोर्टल को Member ID आधारित रखा जाएगा, जिससे उन लाखों कर्मचारियों को तुरंत फायदा मिलेगा जिनके पास अपने पुराने पीएफ खाते का मेंबर आईडी मौजूद है। इसके बाद अगले चरणों में उन सदस्यों के लिए भी विकल्प जोड़े जाएंगे, जो अपनी पुरानी आईडी या डिटेल्स पूरी तरह भूल चुके हैं।

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