EPF Withdrawal: इमरजेंसी या किसी अर्जेंट काम के लिए निकालना चाहते हैं PF का पैसा? जान लें ये नए नियम
EPFO PF Withdrawal New Rules: मेडिकल इमरजेंसी, बच्चों की पढ़ाई, शादी या घर बनाने के लिए पैसों की तंगी? EPFO ने पीएफ से पैसे निकालने के नियमों को बेहद आसान बना दिया है। अब बिना किसी झंझट के आप अपने कुल पीएफ बैलेंस का 75% तक हिस्सा निकाल सकते हैं
नौकरी छूटने पर तुरंत पैसा निकालने का नियम भी बदल गया है
EPFO New Partial Withdrawal Rules: अगर आपको मेडिकल इमरजेंसी, बच्चों की पढ़ाई, शादी या फिर घर बनाने के लिए अचानक पैसों की जरूरत आन पड़ी है, तो आपके पीएफ (PF) खाते का पैसा आपके बड़े काम आ सकता है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने पीएफ खातों से आंशिक निकासी के नियमों को बेहद आसान और फ्लेक्सिबल बना दिया है।
श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा अधिसूचित नए फ्रेमवर्क के तहत अब नौकरीपेशा कर्मचारी विषम परिस्थितियों में अपने पीएफ बैलेंस का 75% तक हिस्सा आसानी से निकाल सकते हैं।
पुराने 13 झंझट खत्म! अब केवल 3 आसान कैटेगरी
ईपीएफओ ने निकासी की जटिल प्रक्रिया को खत्म कर दिया है। पहले आंशिक निकासी के लिए 13 अलग-अलग शर्तें और श्रेणियां थीं, जिन्हें अब घटाकर मुख्य रूप से 3 बड़ी श्रेणियों में समेट दिया गया है:
जरूरी जरूरतें: इसमें गंभीर बीमारी का इलाज, बच्चों की उच्च शिक्षा और परिवार में शादी जैसे खर्च शामिल हैं।
आवास जरूरतें: घर खरीदने, नया मकान बनाने, मरम्मत/रिनोवेशन करवाने या होम लोन चुकाने के लिए निकासी।
विशेष परिस्थितियां: इस सबसे खास कैटेगरी के तहत सदस्य बिना कोई खास वजह बताए भी अपने पीएफ बैलेंस का 75% तक निकाल सकते हैं।
सर्विस पीरियड की शर्त घटी: 7 साल के बजाय अब सिर्फ 12 महीने
पहले अलग-अलग निकासी के लिए 3 साल से लेकर 7 साल तक की सर्विस की शर्त होती थी। नए नियमों में ज्यादातर एडवांस निकासी के लिए न्यूनतम सदस्यता को घटाकर मात्र 12 महीने यानी 1 साल कर दिया गया है।
इसके अलावा, अब निकासी की रकम में सिर्फ आपका योगदान ही नहीं, बल्कि कर्मचारी का योगदान + नियोक्ता का योगदान + दोनों पर मिला ब्याज तीनों शामिल होंगे। इससे सदस्यों को पहले के मुकाबले ज्यादा पैसा मिलेगा।
नौकरी छूटने पर कितना पैसा निकाल सकते हैं?
अगर आपकी नौकरी छूट जाती है या आप इस्तीफा दे देते हैं:
तुरंत निकासी: बेरोजगार होते ही आप अपने कुल पीएफ बैलेंस का 75% हिस्सा तुरंत निकाल सकते हैं।
बाकी 25% हिस्सा: बचा हुआ 25% बैलेंस लगातार 12 महीने तक बेरोजगार रहने के बाद ही निकाला जा सकेगा।
नोट: पुराने नियम में 2 महीने बेरोजगार रहने पर पूरा 100% पीएफ निकालने का प्रावधान था, जिसे अब भविष्य की वित्तीय सुरक्षा के लिहाज से बदला गया है।
इलाज, पढ़ाई और शादी के लिए निकासी की सीमाएं
मेडिकल इमरजेंसी: बीमारी के इलाज के लिए निकासी की कोई निश्चित सीमा नहीं है। जरूरत पड़ने पर सदस्य बार-बार अप्लाई कर सकते हैं।
बच्चों की शिक्षा: पूरी पीएफ सदस्यता के दौरान शिक्षा के लिए अधिकतम 10 बार तक पैसा निकाला जा सकता है।
शादी: शादी-ब्याह के खर्चों के लिए पूरे सर्विस काल में अधिकतम 5 बार तक एडवांस निकासी की अनुमति है।
PF पर मिल रहा है 8.25% का शानदार ब्याज
वर्तमान में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ईपीएफ खाते पर 8.25% वार्षिक ब्याज मिल रहा है। सरकार द्वारा हाल ही में 15 जुलाई 2026 को देश के 34 करोड़ से अधिक सदस्यों के खातों में ब्याज की राशि क्रेडिट की गई थी। इसलिए बाकी 25% रकम खाते में बनी रहने से आपको आगे भी बेहतरीन रिटर्न मिलता रहेगा।