EPS Withdrawal: PF और EPS से पैसा निकालने की सोच रहे हैं? हो सकता है बड़ा नुकसान! जानिए 10 साल वाला ये नियम

EPS Pension Withdrawal Rules: नौकरी बदलते ही क्या आप भी पीएफ के साथ पेंशन यानी EPS का पैसा निकाल लेते हैं? तो सावधान हो जाइए! ईपीएफओ के नियमों के मुताबिक, रिटायरमेंट के बाद हर महीने रेगुलर पेंशन पाने के लिए एक खास नियम है।

अपडेटेड Aug 27, 2026 पर 11:00 AM
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अगर आप अपने करियर में कई कंपनियां बदलते हैं, तो इन बातों की जांच जरूर करें

EPS Withdrawal vs Transfer Rules: अक्सर लोग नौकरी बदलते समय या पैसों की तुरंत जरूरत पड़ने पर एंप्लॉय प्रॉविडेंट फंड (EPF) के साथ-साथ एंप्लॉय पेंशन स्कीम (EPS) का पैसा भी निकाल लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जल्दबाजी में लिया गया यह फैसला आपकी पुरानी उम्र की आर्थिक सुरक्षा को बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है?

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के नियमों के अनुसार, रिटायरमेंट के बाद हर महीने रेगुलर पेंशन पाने के लिए न्यूनतम 10 साल की मिनिमम सर्विस पूरी करना अनिवार्य है।

EPS और 10 साल की नौकरी का गणित


EPS के तहत मासिक पेंशन का हकदार बनने के लिए आपको लगातार 10 साल तक एक ही कंपनी में काम करना जरूरी नहीं है। आप अलग-अलग कंपनियों में नौकरी बदल सकते हैं, लेकिन इस दौरान आपकी कुल सेवा अवधि जुड़ती रहनी चाहिए।

नौकरी बदलते समय ध्यान दें: जब भी आप कंपनी बदलें, अपने UAN के जरिए पुराने पीएफ और पेंशन अकाउंट को नई कंपनी में ट्रांसफर जरूर कराएं।

10 साल पूरे न होने पर: अगर आप 10 साल की कुल सेवा पूरी होने से पहले ही ईपीएस का पैसा निकाल लेते हैं, तो आपकी सर्विस हिस्ट्री 'जीरो' हो जाती है। इसके बाद नई नौकरी में आपको पेंशन पात्रता के लिए फिर से शून्य से शुरुआत करनी होगी।

समय से पहले EPS निकालने के नुकसान

करियर की शुरुआत या बीच में अचानक मेडिकल इमरजेंसी, लोन या बच्चों की पढ़ाई के लिए पैसों की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में कई लोग ईपीएस विड्रॉल कर लेते हैं। लेकिन इसके दूरगामी परिणाम होते हैं:

पेंशन की पात्रता खत्म होना: 10 साल की सेवा पूरी करने से पहले पेंशन फंड निकालने पर आप नियमित मासिक पेंशन के अधिकार से वंचित हो जाते हैं।

भविष्य की नियमित आय का नुकसान: रिटायरमेंट के बाद जब आपकी नियमित सैलरी बंद हो जाती है, तब ईपीएस के तहत मिलने वाली हर महीने की पेंशन जीवन यापन के लिए एक बड़ा सहारा बनती है।

सिर्फ एकमुश्त रकम का मिलना: समय से पहले निकासी करने पर आपको केवल एक सीमित टेबल अमाउंट ही मिलता है, जो भविष्य में मिलने वाली आजीवन पेंशन के मुकाबले बहुत कम होता है।

नौकरी बदलते समय क्या करें?

अगर आप अपने करियर में कई कंपनियां बदलते हैं, तो इन बातों की जांच जरूर करें:

UAN और सर्विस रिकॉर्ड: सुनिश्चित करें कि पुरानी और नई कंपनी में आपका UAN एक ही हो।

Date of Joining & Exit: ईपीएफओ पोर्टल पर आपकी पुरानी नौकरी की जॉइनिंग (DOJ) और एग्जिट (DOE) डेट सही से दर्ज होनी चाहिए, ताकि आपकी पेंशन सर्विस काउंट होती रहे।

स्कीम सर्टिफिकेट: अगर आप 10 साल से कम की नौकरी के बाद कुछ समय के लिए ब्रेक ले रहे हैं, तो पेंशन निकालने के बजाय Scheme Certificate बनवाएं। यह आपकी पुरानी सर्विस को अगली नौकरी में जोड़ने में मदद करता है।

कुल मिलाकर सीख ये है कि आज के कुछ हजार या लाख रुपये निकालने की जगह ईपीएस में 10 साल की सेवा पूरी करना भविष्य के लिए कहीं अधिक फायदेमंद है। इसलिए नौकरी बदलते समय पेंशन का पैसा निकालने की गलती न करें और अपनी सर्विस हिस्ट्री को निरंतर चालू रखें। किसी भी फैसले से पहले अपने UAN में लॉगिन कर ईपीएफओ गाइडलाइन्स और सर्विस डिटेल्स की जांच जरूर करें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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