कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के नए आदेश के मुताबिक सभी कंपनियों को अपने प्रत्यके कर्मचारी के ईपीएफ खाते को उनके आधार नंबर से जोड़ना होगा। ऐसा नहीं करने पर वह इस महीने से कर्मचारियों के ईपीएफ राशि जमा नहीं कर पाएंगी। श्रम मंत्रालय ने इस संबंध में सोमवार को अपने 120 से अधिक क्षेत्रीय कार्यलयों को सूचना भी भेजी।
हालांकि इसके साथ ही मंत्रालय ने पूर्वोत्तर राज्यों, नक्सल प्रभावित राज्यों और जूट व रबर जैसे कुछ खास सेक्टर की कंपनियों को बड़ी राहत भी दी है। मंत्रालय ने बताया कि इन इलाकों में स्थित कंपनियों के लिए ईपीएफ खाते से जुड़ी शर्तों को पूरा करने की समय सीमा बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दी गई है। बाकी कंपनियों के लिए आखिरी तारीख 30 सितंबर ही है।
दिल्ली स्थित ईपीएफओ मुख्यालय से क्षेत्रीय कार्यलयों को जारी एक सर्कुलर में कहा गया, "पूर्वोत्तर राज्यों ( असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड और त्रिपुरा) में अभी भी आबादी के बड़े हिस्से को आधार जारी नहीं हो पाया है। इसे देखते हुए इन राज्यों में यूएन नंबर से आधार को जोड़ने की समय की बढ़ाकर 31 दिसंबर 2021 की जाती है।"
पहले यह नियम 1 जून से लागू होना था, लेकिन कर्मचारियों और कंपनियों दोनों की आपत्ति के बाद इसकी समयसीमा तीन महीने के लिए बढ़ा दी गई थी। इसके साथ ही ईपीएफओ ने कंपनियों की यह भी मांग मान ली कि अगर आधार लिंक से जुड़ी किसी समस्या के चलते अगस्त और सितंबर महीने में उनके हिस्से की राशि जमा नहीं हो पाती है, तो भी उन पर जुर्माना नहीं लगाया जाएगा।