EPFO: क्या आपको भी PF स्टेटमेंट में नजर नहीं आता ब्याज का पैसा? वित्त मंत्रालय ने बताया इसका कारण

EPFO: आज वित्त मंत्रालय ने आपके प्रॉविडेंट फंड (PF) से जुड़े अहम सवाल पर सफाई दी है। वित्त मंत्रालय ने कहा है कि कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) ग्राहकों के खातों में ब्याज राशि जमा की जा रही है

अपडेटेड Oct 06, 2022 पर 8:05 PM
वित्त मंत्रालय ने पीएफ के ब्याज को लेकर दी सफाई।

EPFO: आज वित्त मंत्रालय ने आपके प्रॉविडेंट फंड (PF) से जुड़े अहम सवाल पर सफाई दी है। वित्त मंत्रालय ने कहा है कि कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) ग्राहकों के खातों में ब्याज राशि जमा की जा रही है और अगर यह स्टेटमेंट में दिखाई नहीं दे रहा है, तो ऐसा इसलिए है क्योंकि EPFO का सॉफ्टवेयर को अपग्रेड किया जा रहा है। मंत्रालय ने कहा कि किसी भी ग्राहक को ब्याज के पैसे का कोई नुकसान नहीं हुआ है।

वित्त मंत्रालय ने एक ट्वीट को कोट करते हुए कहा कि किसी भी ग्राहक को ब्याज का कोई भी नुकसान नहीं होता है। ब्याज सभी ईपीएफ ग्राहकों के खातों में जमा किया जा रहा है। हालांकि, यह ईपीएफओ द्वारा लागू किए जा रहे एक सॉफ्टवेयर अपग्रेड के कारण स्टेटमेंट में दिखाई दे रहा है।

वित्त मंत्रालय ने यह ट्वीट आरिन कैपिटल के चेयरमैन और इंफोसिस के पूर्व निदेशक मोहनदास पई के एक ट्वीट के जवाब में किया था। उन्होंने ट्विट में लिखा था "प्रिय ईपीएफओ, मेरा ब्याज कहां है? @PMOIndia @narendramodi सर को सुधार की जरूरत है! ब्यूरोक्रेसी के सही तरीके से काम नहीं करने का खामियाजा आम नागरिकों को भुगनता पड़ रहा है? कृपया मदद करें" पई ने ईपीएफओ ब्याज मुद्दे पर मनीकंट्रोल के राइटअप को टैग करते हुए यह ट्वीट किया।


वित्त मंत्रालय ने यह भी कहा कि सभी आउटगोइंग यानी ईपीएफ से निकल चुके ग्राहकों के पीएफ के ब्याज का निपटारा ब्याज के साथ किया जा रहा है। एक अन्य ट्वीट में पई ने कहा, “मई में रिटायर होने वाले ग्राहक को ब्याज का पेमेंट कैसे किया जाता है यदि मार्च के अंत के लिए ब्याज जमा नहीं किया जाता है? बाद में पेमेंट किया?"

जून में सरकार ने 2021-22 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) जमा पर 8.1 प्रतिशत की चार दशक की कम ब्याज दर को मंजूरी दी थी। 8.1 फीसदी ईपीएफ ब्याज दर 1977-78 के बाद से सबसे कम है, जब यह 8 फीसदी थी। ईपीएफओ में 65 मिलियन से अधिक सदस्य हैं और इसने पिछले साल 15.7 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति का मैनेजमेंट किया है।

2020-21 के लिए ईपीएफ जमा पर 8.5 प्रतिशत ब्याज दर मार्च 2021 में केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) ने तय की थी। CBT ईपीएफओ का एक त्रिपक्षीय निकाय है जिसमें सरकार, कर्मचारी और नियोक्ता के प्रतिनिधि शामिल हैं। इसका नेतृत्व श्रम मंत्री करते हैं।

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