GDP Growth Forecast: रूस और यूक्रेन की बीच लड़ाई और वैश्विक स्तर पर मौद्रिक सख्ती का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर दिख सकता है। विश्व बैंक ने आज गुरुवार 6 अक्टूबर को बिगड़ते वैश्विक हालात का हवाला देते हुए भारत के वृद्धि दर के अनुमान को घटा दिया है। विश्व बैंक का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष 2022-23 में भारतीय अर्थव्यवस्था 6.5 फीसदी की दर से बढ़ेगी।
यह जून 2022 में किए गए अनुमान से करीब एक फीसदी कम है। जून में विश्व बैंक ने 7.5 फीसदी की ग्रोथ का अनुमान लगाया था। विश्व बैंक ने तीसरी बार ग्रोथ अनुमान में बदलाव किया है। इससे पहले जून में बैंक ने बदलाव कर 7.5 फीसदी किया था और उससे पहले अप्रैल में चालू वित्त वर्ष में जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को घटाकर 8.7 फीसदी से 8 फीसदी किया था।
विश्व बैंक में चालू वित्त वर्ष में जीडीपी ग्रोथ अनुमान में तीसरी बार बदलाव किया है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक की सालाना बैठक से पहले जारी रिपोर्ट में बैंक ने कहा कि भारत में दुनिया के बाकी देशों की तुलना में रिकवरी बेहतर है।
पिछले वित्त वर्ष के दौरान भारत की ग्रोथ रेट 8.7 फीसदी थी। विश्व बैंक के मुताबिक वैश्विक स्तर पर घटती मांग से भारत के निर्यात पर निगेटिव असर दिख सकता है। विश्व बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक अनिश्चितता और बढ़ती लागत के चलते निजी निवेश ग्रोथ भी प्रभावित हो सकता है।
RBI पहले ही कर चुका है कटौती
केंद्रीय बैंक आरबीआई ने हाल ही में चालू वित्त वर्ष 2022-23 के ग्रोथ अनुमान को 7.2 फीसदी से घटाकर 7 फीसदी कर दिया था। आरबीआई ने यह कटौती वैश्विक स्तर पर तनाव और वैश्विक स्तर पर सख्त आक्रामक मौद्रिक नीतियों के चलते किया। इससे पहले आरबीआई ने अप्रैल में भी वित्त वर्ष 2022-23 के जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 7.8 फीसदी से 7.2 फीसदी किया था।