EPFO Interest Rate: देश के 7 करोड़ से ज्यादा नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) जमा पर 8.25 फीसदी की ब्याज दर को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। सूत्रों के मुताबिक, यह ब्याज इसी महीने यानी जून 2026 के अंत तक अंशधारकों के खातों में क्रेडिट किया जा सकता है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) द्वारा तय की गई ब्याज दर को वित्त मंत्रालय की हरी झंडी मिलने के बाद ही खातों में डालता है, जो कि अब मिल चुकी है।
वित्त मंत्रालय से मिली फाइनल हरी झंडी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वित्त मंत्रालय ने ईपीएफओ (EPFO) के शीर्ष निर्णय लेने वाले निकाय 'सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज' द्वारा तय की गई 8.25% ब्याज दर पर अपनी सहमति दे दी है।
इससे पहले, 2 मार्च 2026 को केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में हुई CBT की बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ब्याज दर को 8.25% पर रखने का फैसला लिया गया था। इसके बाद प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए वित्त मंत्रालय के पास भेजा गया था, क्योंकि भारत सरकार ही ईपीएफ की गारंटर होती है।
नए इकोसिस्टम से तुरंत क्रेडिट होगा ब्याज
श्रम मंत्रालय के निर्देश पर ईपीएफओ इसी महीने 2025-26 के लिए तय ब्याज राशि अंशधारकों के खातों में ट्रांसफर करने की तैयारी में है। राहत की बात यह है कि EPFO द्वारा विकसित किए गए नए इकोसिस्टम के तहत, जैसे ही ब्याज ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू होगी, पैसा तुरंत सब्सक्राइबर्स के खातों में दिखने लगेगा।
लगातार तीसरे साल 8.25% ब्याज बरकरार
यह लगातार तीसरा साल है जब ईपीएफओ ने अपनी ब्याज दर को 8.25% पर बरकरार रखा है:
पिछले साल फरवरी, 2025 में भी EPFO ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 8.25% ब्याज दर को बनाए रखा था।
साल 2024 में ईपीएफओ ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए इसे 8.15% से मामूली बढ़ाकर 8.25% किया था।
मार्च 2022 में, EPFO ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए ब्याज दर को घटाकर 8.10% कर दिया था, जो 1977-78 (जब दर 8% थी) के बाद से सबसे कम थी। इसके बाद से दरों में सुधार हुआ और अब यह लगातार तीसरे साल 8.25% पर बनी हुई है।