EPFO New Claim Settlement Rule: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने करोड़ों पीएफ खाताधारकों को अब तक का सबसे बड़ा तोहफा दिया है। EPFO ने एक नया ऐतिहासिक फ्रेमवर्क पेश किया है, जिसके तहत अब योग्य पीएफ निकासी दावों का निपटारा महज 3 दिनों के भीतर कर दिया जाएगा। हाल के वर्षों में क्लेम सेटलमेंट प्रक्रिया में इसे ईपीएफओ का सबसे बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव माना जा रहा है।
इस नए नियम से न केवल पीएफ का पैसा निकालने में लगने वाला समय बेहद कम हो जाएगा, बल्कि पूरी प्रक्रिया ग्राहकों के लिए आसान और पारदर्शी हो जाएगी। आइए जानते हैं कि इस नए नियम का फायदा आपको कैसे मिलेगा और इसके लिए क्या शर्तें हैं।
क्या है ईपीएफओ का 3-दिन वाला नया नियम?
अब तक पीएफ का पैसा निकालने के लिए कर्मचारियों को कई दिनों या हफ्तों तक इंतजार करना पड़ता था, क्योंकि मैनुअल वेरिफिकेशन और कागजी प्रक्रियाओं में काफी समय जाया होता था। लेकिन अब नए नियम के तहत सभी पात्र क्लेम सिर्फ 3 दिन में सेटल होंगे।
देरी होने पर अधिकारियों को लगेगा जुर्माना: ईपीएफओ ने इस पूरी व्यवस्था में जवाबदेही तय करने के लिए सख्त रुख अपनाया है। अगर कोई अधिकारी बिना किसी ठोस वजह के पीएफ क्लेम को 20 दिनों से ज्यादा समय तक लटका कर रखता है, तो उस पर 12% दंडात्मक ब्याज लगाया जा सकता है।
ऑटो-सेटलमेंट की लिमिट बढ़कर हुई ₹5 लाख
ईपीएफओ ने अपने डिजिटल रिफॉर्म्स को आगे बढ़ाते हुए बिना किसी इंसानी दखल के क्लेम पास करने वाले 'ऑटो-सेटलमेंट मैकेनिज्म' का दायरा बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है:
EPFO 3.0: भविष्य में UPI और ATM से भी निकलेगा PF का पैसा!
यह नया रिफॉर्म ईपीएफओ के बड़े डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का हिस्सा है, जिसे EPFO 3.0 नाम दिया गया है। इस पहल के तहत संगठन कई और आधुनिक डिजिटल सेवाओं पर काम कर रहा है। आने वाले समय में ईपीएफओ खाताधारकों को UPI के जरिए पीएफ विड्रॉल और ATM से लिंक करके सीधे पैसे निकालने जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं देने की तैयारी में है।
3 दिन में पैसा पाने के लिए कर्मचारियों को क्या करना होगा?
अगर आप भी किसी मेडिकल इमरजेंसी, शादी, पढ़ाई या घर बनाने के लिए पीएफ खाते से एडवांस या पूरा पैसा निकालना चाहते हैं, तो 3 दिन में फंड ट्रांसफर के लिए आपके अकाउंट में ये 5 चीजें अपडेटेड होनी चाहिए:
ध्यान दें कि पीएफ कटौती के मुख्य ढांचे में कोई बदलाव नहीं हुआ है। कर्मचारी और कंपनी दोनों का योगदान पहले की तरह बेसिक सैलरी का 12-12% ही रहेगा। पूरा फोकस केवल सर्विस को फास्ट और डिजिटल बनाने पर है।