ESIC Unemployment Benefit Scheme: प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले कर्मचारियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने अपनी बेहद लोकप्रिय बेरोजगारी भत्ता योजना यानी 'अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना' (ABVKY) को एक साल के लिए और बढ़ा दिया है।
ESIC की 198वीं बैठक में लिए गए इस फैसले के बाद, अब यह स्कीम 1 जुलाई 2026 से 30 जून 2027 तक लागू रहेगी। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर ईएसआई (ESI) के दायरे में आने वाले किसी कर्मचारी की नौकरी अनजाने में या जबरन छूट जाती है, तो सरकार उसे नए रोजगार की तलाश के दौरान वित्तीय सहायता देना जारी रखेगी। आइए जानते हैं कि यह स्कीम क्या है, इसमें कितना पैसा मिलता है और कौन-कौन इसके लिए क्लेम कर सकता है।
क्या है अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना (ABVKY)?
इस योजना की शुरुआत साल 2018 में एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर की गई थी। तब से लेकर अब तक इसे कई बार बढ़ाया जा चुका है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन नौकरीपेशा लोगों को अस्थायी वित्तीय राहत देना है, जो अचानक बेरोजगार हो जाते हैं। इसके जरिए मिलने वाली आर्थिक मदद से कर्मचारी नए काम की तलाश के दौरान अपने बुनियादी खर्चों को आसानी से पूरा कर सकते हैं।
इस स्कीम के तहत कितना और क्या फायदा मिलता है?
अगर आप इस योजना के तहत पात्र पाए जाते हैं, तो आपको ये लाभ मिलेंगे:
50% कैश मुआवजा: बेरोजगारी की अवधि के दौरान आपको अपनी औसत दैनिक मजदूरी का 50% हिस्सा नकद मुआवजे के रूप में दिया जाता है।
90 दिनों तक का भत्ता: यह वित्तीय लाभ बेरोजगारी के दौरान अधिकतम 90 दिनों के लिए देय होता है।
सीधे बैंक खाते में पैसा: क्लेम मंजूर होने के बाद भत्ते की पूरी राशि सीधे लाभार्थी के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दी जाती है।
कौन कर सकता है 90 दिनों के भत्ते का क्लेम?
इस बेरोजगारी भत्ते का लाभ उठाने के लिए कर्मचारी को ESIC की इन शर्तों को पूरा करना होगा:
किन्हें नहीं मिलेगा इस योजना का लाभ?
इन परिस्थितियों में कर्मचारी बेरोजगारी भत्ते के लिए क्लेम नहीं कर सकते हैं:
बेरोजगारी भत्ते के लिए कैसे करें आवेदन?
पात्र कर्मचारी इस योजना का लाभ लेने के लिए ESIC द्वारा निर्धारित फॉर्मेट में आवेदन फॉर्म भरकर अपने जरूरी दस्तावेजों के साथ जमा कर सकते हैं। ESIC के अधिकारियों द्वारा दावे की जांच और वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद, बेरोजगारी भत्ता सीधे आपके रजिस्टर्ड बैंक खाते में भेज दिया जाता है।
ESIC ने अपनी 198वीं बैठक में यह साफ किया कि इस योजना को जून 2027 तक केवल इसलिए बढ़ाया गया है ताकि प्राइवेट सेक्टर के श्रमिकों को रोजगार बदलने या अचानक संकट आने पर एक मजबूत इनकम सपोर्ट मिल सके।