बैंक यूटिलिटी बिल पेमेंट पर 1% एक्स्ट्रा चार्ज क्यों वसूलते हैं?

यस बैंक और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने हाल में कहा है कि यूटिलिटी बिल का पेमेंट क्रेडिट कार्ड के जरिए करने पर ग्राहकों को 1 फीसदी अतिरिक्ट चार्ज देना होगा। इस 18 फीसदी जीएसटी भी लगेगा

अपडेटेड Apr 26, 2024 पर 3:46 PM
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एक सीमा से ज्यादा वैल्यू के बिल पेमेंट पर ही यह एक्स्ट्रा चार्ज देना होगा।

क्रेडिट कार्ड से यूटिलिटी बिल के पेमेंट पर एक्स्ट्रा चार्ज देना होगा। हाल में यस बैंक और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने ऐलान किया है कि क्रेडिट कार्ड से यूटिलिटी बिल के पेमेंट पर वे 1 फीसदी अतिरिक्त फीस वसूलेंगे। यह नियम 1 मई, 2024 से लागू हो जाएगा। हालांकि, एक सीमा से ज्यादा वैल्यू के बिल पेमेंट पर ही यह एक्स्ट्रा चार्ज देना होगा। यस बैंक के मामले में यह वैल्यू 15,000 रुपये है, जबकि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के मामले में 20,000 रुपये है।

एक सीमा से ज्यादा वैल्यू के पेमेंट पर एक्स्ट्रा चार्ज

इसका मतलब है कि अगर यस बैंक (Yes Bank) का क्रेडिट कार्ड (Credit Card) रखने वाले कोई व्यक्ति कार्ड से 15,000 रुपये का यूटिलिटी बिल चुकाता है तो उसे यह एक्स्ट्रा चार्ज नहीं देना होगा। इसी तरह अगर बिल 15,000 रुपये से ज्यादा रहता है तो एक्स्ट्रा 1 फीसदी चार्ज लगेगा। साथ ही उस पर 18 फीसदी जीएसटी (GST) लगेगा। पहले यह स्थिति नहीं थी। पहले यूटिलिटी बिल (Utility Bill) के पेमेंट पर किसी तरह का एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लगता था। साथ ही यूटिलिटी पेमेंट पर अच्छा रिवॉर्ड प्वाइंट्स मिलता था। सवाल है कि फिर क्यों बैंकों ने एक्स्ट्रा चार्ज लगाना शुरू कर दिया?


एक्स्ट्रा चार्ज लगाने की क्या है वजह?

यूटिलिटी कैटेगरी एक लो-मार्जिन कैटेगरी है। इसका मतलब है कि बैंकों को अपेक्षाकृत रूप से एमडीआर/इंटरचेंज फीस से काफी कम पैसे मिलते हैं। एमडीआर में कैटेगरी के हिसाब से अंतर होता है। पेमेंट गेटवे आम तौर पर एजुकेशन, ग्रॉसरी और यूनिलिटी जैसे कैटेगरी पर एमडीआर फीस में डिस्काउंट देते हैं। इसके चलते बैंकों को कस्टमर के अपने कार्ड का इस्तेमाल पेमेंट के लिए करने पर बैंक को इंटरचार्ज के रूप में कम पैसे मिलते हैं।

बिजनेस के यूटिलिटी पेमेंट के लिए कार्ड का इस्तेमाल

बिजनेस से जुड़े कई लोग अपने बिजनेस से संबंधित यूटिलिटी के पेमेंट के लिए अपने पर्सनल क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं। एक परिवार का यूटिलिटी बिल आम तौर पर हर महीने 10,000-15,000 रुपये से ज्यादा नहीं होता है। लेकिन बिजनेस के यूटिलिटी बिल का पेमेंट करने पर यह अमाउंट लाख रुपये को पार कर जाता है। बैंक बिजनेस क्रेडिट कार्ड के मुकाबले पर्सनल क्रेडिट कार्ड पर ज्यादा रिवॉर्ड ऑफर करते हैं। ऐसे में बैंक को बिजनेस ट्रांजेक्शंस पर ज्यादा रिवॉर्ड देने में दिक्कत आती है।

आपको क्या करना चाहिए?

इसलिए अगर आपका ऐसा कोई बिजनेस नहीं है और आप सिर्फ पारिवारिक बिल पेमेंट के लिए कार्ड का इस्तेमाल करते हैं तो आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। अगर आप बिजनेस पर्सन हैं तो आपके लिए बिजनेस क्रेडिट कार्ड बनवाना ठीक रहेगा।

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