FD Calculator: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव को रिस्की मानने वाले इनवेस्टर्स के लिए बैंकों की स्पेशल एफडी स्कीम अच्छी है। इसमें अच्छा रिटर्न मिल जाता है। 10 लाख रुपये का एफडी 444 दिन की स्पेशल एफडी स्कीम में निवेश करने पर अच्छी कमाई हो सकती है। यह स्कीम उन लोगों के लिए अट्रैक्टिव है जो एक साल से ज्यादा अवधि तक पैसा एफडी में रख सकते हैं। ज्यादातर सरकारी बैंक सीनियर सिटीजंस को एफडी पर अतिरिक्त इंटरेस्ट ऑफर करते हैं।
SBI की अमृत वृष्टि स्कीम में 6.45 फीसदी इंटरेस्ट
एसबीआई की 444 दिन की स्पेशल एफडी स्कीम 6.45 फीसदी इंटरेस्ट रेट ऑफर करती है। इस स्कीम का नाम अमृत वृष्टि स्कीम है। इस स्कीम में तिमाही कंपाउंडिंग के आधार पर इंटरेस्ट से होने वाली कमाई का कैलकुलेशन किया जा रहा है। 10 लाख रुपये पर सालाना 6.45 फीसदी इंटरेस्ट रेट से एक साल में कुल 64,500 रुपये का ब्याज मिलेगा। 444 दिन बाद पैसा मैच्योर करने पर इंटरेस्ट के रूप में कुल 80,944 रुपये मिलेंगे।
पीएनबी की स्कीम में 6.60 फीसदी इंटरेस्ट रेट
पीएनबी की 444 दिन की स्पेशल एफडी स्कीम में सालाना इंटरेस्ट रेट 6.60 फीसदी है। इसका मतलब है कि 10 लाख रुपये का निवेश इस एफडी में करने पर एक साल में 66,000 रुपये का इंटरेस्ट मिलेगा। 444 दिन के बाद स्कीम की मैच्योरिटी पर कुल ब्याज 82,886 रुपये बनेगा। इसका मतलब है कि 444 दिन बाद इनवेस्टर को कुल 10,82,886 रुपये हाथ में आएंगे।
सेंट्र्ल बैंक की एफडी स्कीम में सबसे ज्यादा कमाई
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की 444 दिन की स्पेशल एफडी स्कीम में इंटरेस्ट रेट 6.75 फीसदी है। इसका मतलब है कि 10 लाख रुपये इस स्कीम में लगाने पर एक साल में 67,500 रुपये का ब्याज मिलेगा। 444 दिन के बाद स्कीम की मैच्योरिटी पर ब्याज बढ़कर 84,832 रुपये हो जाएगा। इसका मतलब है कि स्कीम से 444 दिन बाद इनवेस्टर को कुल 10,84,832 रुपये मिलेंगे।
निवेश से पहले टैक्स के नियमों को जान लें
बैंकों की एफडी स्कीम में पैसे लगाने से पहले इससे मिलने वाले इंटरेस्ट पर टैक्स के नियमों को जान लेना जरूरी है। पहला, इंटरेस्ट के पैसे पर टैक्स लगता है। इसे 'इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेज' माना जाता है। इस पैसे को इनवेस्टर की कुल इनकम में जोड़ दिया जाता है। इस पर इनवेस्टर के टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है। टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगने का मतलब है कि हाई टैक्स स्लैब में आने वाले इनवेस्टर को ज्यादा टैक्स चुकाना पड़ेगा।