FD vs SCSS: सीनियर सिटिजंस के लिए FD बेहतर या SCSS? समझिए पूरा कैलकुलेशन
FD vs SCSS: सीनियर सिटिजंस के लिए ₹10 लाख FD में रखना बेहतर है या SCSS में? दोनों पर मिलने वाले ब्याज, नियमित आमदनी, निवेश सीमा और टैक्स के असर को समझिए। जानिए किस विकल्प में ज्यादा कमाई और बेहतर सुविधा मिल सकती है।
अगर ₹10 लाख SCSS में लगाए जाते हैं, तो 8.2% की दर से सालाना ₹82,000 ब्याज मिलेगा।
FD vs SCSS: रिटायरमेंट के बाद सबसे बड़ी जरूरत होती है नियमित आमदनी की। इसके लिए सीनियर सिटिजंस के पास FD और Senior Citizen Savings Scheme यानी SCSS जैसे दो अहम विकल्प होते हैं। दोनों में पैसा काफी हद तक सुरक्षित रहता है। लेकिन ब्याज और पैसे मिलने के तरीके में अंतर है।
अभी SCSS पर 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है। लेकिन, ये खाते में हर तिमाही आएगा। वहीं, FD में ब्याज दर बैंक और अवधि के हिसाब से अलग होती है। ब्याज मासिक, तिमाही या सालाना आधार पर मिल सकता है।
SCSS में ₹10 लाख लगाने पर कितनी कमाई?
अगर ₹10 लाख SCSS में लगाए जाते हैं, तो 8.2% की दर से सालाना ₹82,000 ब्याज मिलेगा। यानी हर तिमाही करीब ₹20,500 खाते में आएंगे।
सीनियर सिटिजंस के लिए इसका सबसे बड़ा फायदा नियमित आमदनी है। ब्याज हर तीन महीने में मिलता है। इसलिए रिटायरमेंट के बाद घर के खर्च में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
FD में ₹10 लाख लगाने पर कितना ब्याज?
अब यही रकम FD में लगाने पर कमाई कितनी होगी, यह बैंक और अवधि पर निर्भर करेगा। उदाहरण के लिए 7.05% सालाना ब्याज मानें तो ₹10 लाख की FD से करीब ₹70,500 सालाना ब्याज बनेगा।
यानी SCSS से ₹82,000 और FD से ₹70,500 सालाना ब्याज मिलेगा। SCSS में करीब ₹11,500 ज्यादा कमाई होगी।
निवेश
ब्याज दर
₹10 लाख पर सालाना ब्याज
SCSS
8.20%
₹82,000
FD
7.05% का उदाहरण
₹70,500
SCSS और FD में बड़ा फर्क क्या है?
SCSS की अवधि 5 साल होती है। इसके बाद इसे आगे बढ़ाने का विकल्प मिलता है। इसलिए यह उन लोगों के लिए ज्यादा उपयोगी हो सकता है, जिन्हें अगले कुछ साल इस रकम की जरूरत नहीं है।
FD में अवधि चुनने की सुविधा ज्यादा होती है। आप अपनी जरूरत के हिसाब से अलग-अलग अवधि की FD करा सकते हैं। रकम को कई FD में बांटना भी मुमकिन है। हालांकि, समय से पहले FD तोड़ने पर बैंक के नियम लागू होते हैं। इससे मिलने वाला ब्याज प्रभावित हो सकता है।
SCSS में निवेश की सीमा भी है
एक और बात ध्यान रखना जरूरी है। SCSS में एक खाते में अधिकतम ₹30 लाख जमा किए जा सकते हैं। ₹30 लाख पर 8.2% की मौजूदा दर से सालाना ₹2.46 लाख ब्याज बनता है। यानी हर तिमाही करीब ₹61,500 मिलेंगे।
अगर रकम इससे ज्यादा है, तो आपको FD या किसी और दूसरे विकल्प का रुख करना पड़ सकता है। इससे नियमित आमदनी के साथ जरूरत पड़ने पर पैसे की उपलब्धता भी बनी रहती है।
अगर आपका लक्ष्य नियमित आमदनी और ज्यादा ब्याज है, तो SCSS आगे है। ₹10 लाख पर सालाना ₹82,000 ब्याज मिल रहा है। इसका भुगतान हर तिमाही होता है।
वहीं, FD का सबसे बड़ा फायदा लचीलापन है। इसमें अलग-अलग अवधि चुनने की सुविधा मिलती है। जरूरत के हिसाब से रकम को कई FD में भी बांटा जा सकता है। ब्याज दोनों में टैक्सेबल होता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।