NPS Withdrawal: क्या 60 की उम्र के बाद पूरा NPS फंड निकाला जा सकता है? CA बलवंत जैन से समझिए
NPS Withdrawal: PFRDA के नए एग्जिट नियमों के तहत 60 साल की उम्र पूरी होने पर अगर आपका NPS कॉर्पस ₹8 लाख या उससे कम है, तो आप पूरा 100% फंड एकमुश्त निकाल सकते हैं। लेकिन ऐसा करने पर आपको इनकम टैक्स से बड़ा झटका लग सकता है। सीए बलवंत जैन से समझिए पूरा हिसाब-किताब
जून 2025 में PFRDA ने एनपीएस टियर-1 अकाउंट से बाहर निकलने और एकमुश्त निकासी नियमों में बदलाव किया था
NPS Tax Rules: नेशनल पेंशन सिस्टम के सब्सक्राइबरों के लिए पेंशन रेगुलेटर PFRDA द्वारा जारी किए गए नए एग्जिट नियम राहत तो देते हैं, लेकिन टैक्स के मोर्चे पर एक बड़ा तकनीकी पेंच खड़ा करते हैं। अगर 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर आपका कुल एनपीएस कॉर्पस ₹8 लाख या उससे कम है, तो PFRDA आपको पूरा 100% फंड एकमुश्त निकालने की अनुमति देता है।
ऐसे में सवाल यह है कि क्या यह पूरा 100% पैसा टैक्स-फ्री होगा? टैक्स एवं पर्सनल फाइनेंस एक्सपर्ट सीए बलवंत जैन के अनुसार, PFRDA के नियमों और इनकम टैक्स एक्ट के बीच अंतर के कारण 100% निकासी करने वाले सब्सक्राइबर्स को 40% हिस्से पर टैक्स देना पड़ सकता है।
आइए समझते हैं कि PFRDA और इनकम टैक्स कानून क्या कहते हैं और सीए बलवंत जैन की इस पर क्या सलाह है।
PFRDA के नए एग्जिट नियम: किस कॉर्पस पर कितनी निकासी?
जून 2025 में PFRDA ने एनपीएस टियर-1 अकाउंट से बाहर निकलने और एकमुश्त निकासी की सीमाओं को संशोधित किया था:
₹8 लाख या उससे कम कॉर्पस: सब्सक्राइबर अपने पूरे कॉर्पस की 100% एकमुश्त निकासी कर सकते हैं। इसके लिए कोई एन्युटी या पेंशन प्लान खरीदना अनिवार्य नहीं है। पहले यह सीमा ₹5 लाख थी।
₹8 लाख से ₹12 लाख का कॉर्पस: सब्सक्राइबर को कम से कम ₹6 लाख की एन्युटी खरीदना अनिवार्य होगा और बाकी बची राशि एकमुश्त निकाली जा सकती है।
₹12 लाख से अधिक कॉर्पस: सब्सक्राइबर को अपने कॉर्पस का कम से कम 20% हिस्सा एन्युटी में लगाना अनिवार्य है, जबकि अधिकतम 80% हिस्सा एकमुश्त निकाला जा सकता है। पुराने नियम में ₹5 लाख से अधिक कॉर्पस होने पर 40% एन्युटी खरीदना अनिवार्य था।
इनकम टैक्स एक्ट का पेंच: सीए बलवंत जैन की राय
सीए बलवंत जैन के अनुसार, भले ही PFRDA ने ₹8 लाख तक के कॉर्पस पर 100% निकासी और ₹12 लाख से अधिक पर 80% लंपसम निकालने की इजाजत दे दी हो, लेकिन टैक्स कानून का नियम अभी अपडेट नहीं हुआ है:
धारा 10(12A) का नियम: इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की धारा 10(12A) के तहत केवल 60% तक का एनपीएस कॉर्पस ही टैक्स-फ्री है।
इनकम टैक्स कानूनों में संशोधन का इंतजार: PFRDA ने निकासी की प्रतिशत सीमा तो बढ़ा दी है, लेकिन आयकर अधिनियम में इसके अनुरूप बदलाव होना अभी बाकी है। जब तक आयकर कानून में यह संशोधन नहीं होता, तब तक टैक्स छूट की सीमा 60% ही रहेगी।
सीए बलवंत जैन के अनुसार, 'भले ही आपको अपने टियर-1 अकाउंट से 100% राशि निकालने की अनुमति मिल गई हो, लेकिन टैक्स छूट केवल 60% कॉर्पस पर ही मिलेगी। ऐसे में ₹8 लाख से कम कॉर्पस होने पर पूरा पैसा निकालने वाले सब्सक्राइबर्स को बचे हुए 40% हिस्से पर अपने टैक्स स्लैब के अनुसार इनकम टैक्स देना होगा।'
NPS Withdrawal: ऐसे समझें पूरा टैक्स कैलकुलेशन
टैक्स बचाने का स्मार्ट फाइनेंस टिप
अगर आप अपने एनपीएस कॉर्पस के 40% हिस्से पर टैक्स देने से बचना चाहते हैं, तो पूरा 100% फंड एकमुश्त निकालने के बजाय केवल 60% हिस्सा ही लंपसम निकालें और बचे हुए 40% हिस्से से एन्युटी खरीद लें या उसे नियमानुसार डेफर यानी आगे के लिए टाल दें। एन्युटी खरीदने पर उस समय कोई टैक्स नहीं लगता, हालांकि बाद में मिलने वाली मासिक पेंशन पर टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स देना होता है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।