₹20 लाख वाली थार लेने की सोच रहे हैं? अपनाएं यह सुपरहिट '20-4-10' का फॉर्मूला, जेब पर नहीं पड़ेगा बोझ
Planning to Buy 20 Lakh Car: अगर आप भी ₹20 लाख वाली थार खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का एक सुपरहिट और ग्लोबल नियम आपके बहुत काम आ सकता है। इसे '20-4-10' का फॉर्मूला कहा जाता है। जानिए इस फॉर्मूले के तहत आपको कितनी डाउन पेमेंट करनी चाहिए, लोन कितने साल का होना चाहिए और आपकी EMI कितनी होनी चाहिए
MoneyControl News
अपडेटेड Jul 07, 2026 पर 6:10 PM
कार की ऑन-रोड कीमत का कम से कम 20% हिस्सा आपको डाउन पेमेंट के रूप में नकद देना चाहिए
Car Buying Tips: आज के समय में ₹20 लाख के बजट में एक से बढ़कर एक बेहतरीन एसयूवी (SUV) और सेडान कारें बाजार में उपलब्ध हैं। थार को लेकर भी आजकल खूब ट्रेंड चल रहा है। SUV खरीदना हर किसी का सपना होता है, लेकिन बिना प्लानिंग के लिया गया बड़ा कार लोन आपकी मंथली सेविंग्स और जेब का गणित बिगाड़ सकता है।
अगर आप भी ₹20 लाख वाली थार खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का एक सुपरहिट और ग्लोबल नियम आपके बहुत काम आ सकता है। इसे '20-4-10' का फॉर्मूला कहा जाता है। आइए समझते हैं कि इस फॉर्मूले के तहत आपको कितनी डाउन पेमेंट करनी चाहिए, लोन कितने साल का होना चाहिए और आपकी EMI कितनी होनी चाहिए।
क्या है कार खरीदने का '20-4-10' फॉर्मूला?
यह फाइनेंशियल प्लानिंग का एक ऐसा नियम है जो यह सुनिश्चित करता है कि कार खरीदने के बाद भी आपकी जेब पर अतिरिक्त दबाव न पड़े और आपके अन्य जरूरी वित्तीय लक्ष्य जैसे- घर, बच्चों की पढ़ाई या रिटायरमेंट प्रभावित न हों।
20% डाउन पेमेंट: कार की ऑन-रोड कीमत का कम से कम 20% हिस्सा आपको डाउन पेमेंट के रूप में नकद देना चाहिए।
4 साल का लोन: कार लोन की अवधि अधिकतम 4 साल (48 महीने) होनी चाहिए। लोन जितना लंबा होगा, आप उतना ही ज्यादा ब्याज बैंक को चुकाएंगे।
10% ईएमआई लिमिट: आपकी कार की मासिक EMI और कार का रख-रखाव का खर्च आपकी मंथली इन-हैंड सैलरी के 10% से अधिक नहीं होनी चाहिए।
₹20 लाख की कार का पूरा कैलकुलेशन
आइए मान लेते हैं कि कार की ऑन-रोड कीमत ₹20,00000 है। अब इस पर '20-4-10' का नियम लागू करके देखते हैं:
1. डाउन पेमेंट
नियम के मुताबिक, आपको ₹20 लाख का 20% यानी ₹4,00,000 डाउन पेमेंट के रूप में देना चाहिए।
फायदा: इससे आपका लोन अमाउंट छोटा हो जाता है और बैंक से लोन आसानी से और कम ब्याज दर पर मिल जाता है।
2. लोन की रकम
डाउन पेमेंट घटाने के बाद आपका कुल लोन अमाउंट ₹16,00,000 बचेगा।
3. लोन की अवधि और EMI का गणित
मान लेते हैं कि आपको बैंक से 9% की सालाना ब्याज दर पर कार लोन मिल रहा है। अब लोन की अवधि के हिसाब से EMI को समझते हैं:
लोन की अवधि
मासिक EMI (अनुमानित)
4 साल में चुकाया गया कुल ब्याज
4 साल (48 महीने)
₹39,811
₹3,11,000
5 साल (60 महीने)
₹33,212
₹3,93,000
7 साल (84 महीने)
₹25,720
₹5,60,000
अगर आप 7 साल के लिए लोन लेते हैं, तो आपकी EMI तो घटकर ₹25,720 हो जाएगी, लेकिन आप बैंक को ₹5.60 लाख सिर्फ ब्याज के रूप में दे देंगे। वहीं 4 साल के लोन में आप करीब ₹2.5 लाख का शुद्ध ब्याज बचा लेंगे।
आपकी सैलरी कितनी होनी चाहिए?
नियम के तीसरे हिस्से '10%' के अनुसार, अगर आपकी कार की EMI करीब ₹40,000 4 साल के लोन के लिए आ रही है, तो आदर्श रूप से आपकी मासिक इन-हैंड सैलरी ₹4 लाख प्रति माह होनी चाहिए।
अगर सैलरी कम है तो क्या करें?
अगर आपकी सैलरी ₹1.5 लाख से ₹2 लाख के बीच है, तो आपके पास दो रास्ते हैं:
डाउन पेमेंट बढ़ाएं: आप 20% की जगह 50% डाउन पेमेंट यानी ₹10 लाख खुद कैश दें, जिससे लोन सिर्फ ₹10 लाख का रह जाएगा और EMI घटकर आपके बजट में आ जाएगी।
लोन की अवधि 5 साल करें: हालांकि 4 साल सबसे बेस्ट है, लेकिन बजट संतुलित करने के लिए आप इसे अधिकतम 5 साल कर सकते हैं, जिससे EMI थोड़ी कम (₹33,212) हो जाएगी।
इन 'छिपे हुए खर्चों' को न भूलें
कार की फाइनेंशियल प्लानिंग करते समय सिर्फ EMI पर ध्यान न दें। हर महीने कार पर होने वाले अन्य खर्चों को भी बजट में जोड़ें:
फ्यूल और मेंटेनेंस: पेट्रोल/डीजल/इलेक्ट्रिक का खर्च और हर 6 महीने या सालभर में होने वाली सर्विसिंग।
इंश्योरेंस रिन्यूअल: हर साल कार के इंश्योरेंस का प्रीमियम चुकाना होगा, जो ₹20 लाख की कार के लिए सालाना ₹30,000 से ₹50,000 के बीच हो सकता है।
कुल मिलाकर ₹20 लाख की कार लेना एक बेहतरीन अनुभव हो सकता है, बशर्ते आप कम से कम ₹4 से ₹5 लाख की डाउन पेमेंट की तैयारी पहले से कर लें और लोन की अवधि को जितना हो सके छोटा रखें।