FD में पैसा लगाते समय सिर्फ ब्याज दर देखना काफी नहीं है। यह भी तय करना होता है कि ब्याज हर महीने चाहिए या मैच्योरिटी पर। दोनों विकल्पों में बड़ा फर्क है। हर महीने वाला विकल्प चुनने से नियमित कमाई मिलती है। वहीं, क्यूम्युलेटिव FD में ब्याज जुड़ता रहता है। और उस पर भी ब्याज मिलता है। इसी वजह से लंबी अवधि में मैच्योरिटी वाला विकल्प ज्यादा रकम दे सकता है।
