FD ब्याज दरें ऑल टाइम लो पर, आइए जानते हैं रेगुलर इनकम के लिए क्या हैं दूसरे बेहतर विकल्प

फिक्सड डिपॉजिट पर मिलने वाली ब्याज की दर इस समय अपने ऑल टाईम लो के करीब नजर आ रही है

अपडेटेड Sep 12, 2021 पर 4:59 PM

फिक्सड डिपॉजिट पर मिलनेवाली ब्याज की दर इस समय अपने ऑल टाईम लो के करीब नजर आ रही है। अगर आप रेगुलर इनकम के लिए इस फाइनेंशियल इंस्टूमेंट में निवेश करना चाहते हैं तो यह अच्छा समय नहीं है। उदाहरण के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 3 साल की एफडी पर सीनियर  सिटीजन को 5.80 फीसदी का ब्याज देता है जबकि 1 साल की एफडी पर सिर्फ 5 फीसदी ब्याज मिलता है।

आपको इस तरह की एफडी पर लगभग महंगाई दर के आसपास ही ब्याज मिलता है। वही अगर आप टैक्स के हायर स्लैब पर आते हैं तो टैक्स चुकाने के बाद यह ब्याज महंगाई दर से भी नीचे चला जाता है।

बैंकों की तरफ से अभी जल्दी में ब्याज दरों में कोई बढ़ोतरी की उम्मीद भी नहीं है ऐसे में रेगुलर इनकम की उम्मीद में एफडी में निवेश करने वाले लोगों के लिए दूसरे निवेश विकल्पों की तलाश जरुरी हो जाती है।

आइए डालते हैं इन दूसरे विकल्पों पर एक नजर

सीनियर सिटीजन रेगुलर इनकम के लिए SCSS (सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम) में निवेश कर सकते हैं। इनमें 5 साल की अवधि के लिए निवेश किया जाता है। इस तरह के निवेश पर तिमाही आधार पर ब्याज का भुगतान मिलता है। ब्याज की दर 7.4 फीसदी सालाना होती है। इस स्कीम पर आपको 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट भी मिलती है लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि इसमें सिर्फ 15 लाख रुपये तक का निवेश किया जा सकता है।

अगर आप इससे बड़ी राशि निवेश करना चाहते है तो  प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (PMVVY) आपके लिए दूसरा विकल्प हो सकता है। यह सरकार द्ववारा समर्थित योजना है जिसका संचालन एलआईसी करती है। इसमें आपको 7.4 फीसदी की दर से मासिक ब्याज मिलता है। इस स्कीम में भी 15 लाख रुपये तक का निवेश किया जा सकता है।


पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम

इन दो योजनाओं में 30 लाख रुपये निवेश करने के बाद भी अगर आपके पास निवेश के लिए पैसे हैं तो हम पोस्ट ऑफिस की 2 ऐसी योजनाएं बता सकते हैं जिनमें अच्छी रेगुलर इनकम हो सकती है।

इंडिया पोस्ट के पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम अकाउंट (POMIS) में निवेश के जरिए आप एफ़डी की तुलना में बेहतर मासिक इनकम हासिल कर सकते हैं। इसमें अधिकतम 4.5 लाख रुपये का निवेश किया जा सकता है। इस तरह के निवेश पर आपको 6.6 फीसदी का ब्याज मिल सकता है।

मुंबई स्थित म्युचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर विनायक कुलकर्णी का कहना  है कि POMIS और  SCSS का कॉम्बिनेशन किसी सीनियर सिटिजन के लिए रेगुलर इनकम के लिए किया जाने वाला सबसे बेहतर कॉम्बिनेशन साबित हो सकता है। यहां तक की ये 60 साल से कम उम्र लोगों के लिए भी बेहतर निवेश विकल्प है। इसके अलावा कंपनियों के एफडी और एनसीडी में भी रेगुलर इनकम के लिए निवेश किया जा सकता है।

प्राइवेट सेक्टर की कंपनियां एफडी और NCD में निवेश का विकल्प देती हैं इनमें ब्याज दर भी काफी ऊंचा होता है लेकिन इनके साथ ज्यादा जोखिम जुड़ा होता है। हालांकि कुछ सरकारी कंपनियां भी समय समय पर NCD में निवेश का विकल्प देती है। सरकारी कंपनियों के साथ जोखिम थोड़ा कम होता है।

विनायक कुलकर्णी  का कहना है कि बड़ी कंपनियों के एफडी जैसे  HDFC के एफडी में मासिक ब्याज भुगतान का विकल्प है और ये एक अच्छा निवेश विकल्प भी है। HDFC के एफडी में 1 से 10 साल की अवधि के लिए निवेश किया जा सकता है इनका इंटरेस्ट रेट निवेश अवधि बढ़ने के साथ ही बढ़ता जाता है। जैसे की वर्तमान में HDFC के 5 साल की एफडी पर 6.2 फीसदी का ब्याज मिलता है।

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