पिछले कुछ सालों में बैंकिंग सर्विसेज का इस्तेमाल करना बहुत आसान हो गया है। इसमें बैंकों की ऑनलाइन सेवाओं का बड़ा हाथ है। लेकिन, ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल बढ़ने के साथ फ्रॉड के मामलों में इजाफा हुआ है। धोखेबाज लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके अपनाते रहते हैं। इन तरीकों की जनकारी होने पर आप ठगी का शिकार बनने से बच सकते हैं।
ICICI Bank ने ठगों की तरफ से अपनाए जा रहे एक तरीके के बारे में अपने ग्राहकों को सावधान किया है। उसने इस बारे में ग्राहकों को मेल भेजा है। इसमें कहा गया है कि फ्रॉड के लिए धोखेबाज व्हाट्सअप और फेसबुक का इस्तेमाल कर रहे हैं।
फ्रॉड करने वाले ग्राहक के फेसबुक और व्हाट्सअप अकाउंट में सेंध लगाते हैं। फिर, वह ग्राहक के कॉन्टैक्ट्स लिस्ट में शामिल किसी व्यक्ति की तरफ से पैसे की मांग करते हैं। ग्राहक को लगता है कि उसका दोस्त या रिश्तेदार मुसीबत में फंसने पर पैसा मांग रहा है।
ICICI Bank ने कहा है कि पिछले कुछ समय से समय ठीक नहीं चल रहा है। इसलिए अपने दोस्त या रिश्तेदार से पैसे मांगना असामान्य नहीं है। इसलिए कस्टमर पैसे के लिए किए गए रिक्वेस्ट पर भरोसा कर पैसे भेज देता है। वह पैसे मांगने वाले अपने दोस्त या रिश्तेदार से यह कनफर्म नहीं करता है कि उसने पैसे मांगे हैं या नहीं।
बैंक ने ग्राहकों से कहा है कि वे फेसबुक और व्हाट्सअप पर आने वाले पैसे के रिक्वेस्ट को लेकर विशेष सावधानी बरतें। अगर ऐसा रिक्वेस्ट आता है तो उन्हें तुरंत संबंधित व्यक्ति को फोन कर पूछना चाहिए कि उसने ऐसा कोई रिक्वेस्ट भेजा है या नहीं। अगर आपका फेसबुक और व्हाट्सअप अकाउंट हैक हो जाता है तो तुरंत इसके बारे में अथॉरिटी को सूचित करें।
बैंक आमतौर पर ईमेल और एसएमएस के जरिए ग्राहकों को इस बारे में सतर्क करते रहते हैं। वे हमेशा ग्राहकों को बताते रहते हैं कि बैंक की तरफ से कभी किसी ग्राहक की प्राइवेट जानकारियां नहीं मांगी जाती हैं। बैंक कभी ग्राहक से यूजर आईडी, पासवर्ड या पिन जैसी गोपनीय जानकारियां नहीं मांगते हैं। इसलिए अगर आपको कभी इस तरह का रिक्वेस्ट मिले तो तुरंत बैंक को इस बारे में बताएं।