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रिश्तेदार से मिले गिफ्ट टैक्स के दायरे में आते हैं? जानिए क्या हैं इनकम टैक्स के नियम

आपके लिए यह जान लेना जरूरी है कि कुछ गिफ्ट्स टैक्स के दायरे में आते हैं। हालांकि, ये आपकी डायरेक्ट इनकम का हिस्सा नहीं होते हैं। ये इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 56(2) के दायरे में आते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 28, 2023 पर 6:26 PM
रिश्तेदार से मिले गिफ्ट टैक्स के दायरे में आते हैं? जानिए क्या हैं इनकम टैक्स के नियम
एप्लॉयर से एंप्लॉयीज को मिला गिफ्ट भी टैक्स के दायरे में आता है। लेकिन, इसके लिए एक शर्त है। अगर एंप्लॉयर की तरफ से मिले गिफ्ट की कीमत एक फाइनेंशियल ईयर में 5,000 रुपये से ज्यादा है तभी वह टैक्स के दायरे में आएगा।

दिवाली करीब आ गई है। जल्द लोग एक-दूसरे को गिफ्ट देना शुरू करेंगे। दिवाली के मौके पर एंप्लॉयीज को एंप्लॉयर से गिफ्ट मिलता है। दुकानदार कस्टमर्स को गिफ्ट देते हैं। दोस्त और रिश्तेदारों के बीच भी गिफ्ट्स का एक्सचेंज होता है। आपके लिए यह जान लेना जरूरी है कि कुछ गिफ्ट्स टैक्स के दायरे में आते हैं। हालांकि, ये आपकी डायरेक्ट इनकम का हिस्सा नहीं होते हैं। ये इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 56(2) के दायरे में आते हैं। आपको गिफ्ट्स से जुड़े टैक्स के नियमों के बारे में जान लेना जरूरी है। कई लोगों को इस बारे में जानकारी नहीं होती है, जिससे उनके दिक्कत में पड़ने का डर होता है।

इनकम टैक्स में रिश्तेदार की क्या है परिभाषा?

रिश्तेदार से मिलने वाला गिफ्ट्स टैक्स के दायरे में नहीं आता है। लेकिन, यह जानना जरूरी है कि इनकम टैक्स के नियम के मुताबिक रिश्तेदार के दायरे में कौन-कौन से रिश्ते आते हैं। इनकम टैक्स के नियमों के मुताबिक रिश्तेदार का मतलब व्यक्ति के पति और पत्नी से है। व्यक्ति के भाई और बहन भी रिश्तेदार के दायरे में आते हैं। व्यक्ति के पति/पत्नी के भाई और बहन भी रिश्तेदार के दायरे में आते हैं। इसका मतलब है कि इन संबंधों से जुड़ा कोई व्यक्ति आपको गिफ्त देता है तो वह गिफ्ट टैक्स के दायरे में नहीं आएगा।

दोस्त से मिला गिफ्ट टैक्स के दायरे में

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