दिवाली करीब आ गई है। जल्द लोग एक-दूसरे को गिफ्ट देना शुरू करेंगे। दिवाली के मौके पर एंप्लॉयीज को एंप्लॉयर से गिफ्ट मिलता है। दुकानदार कस्टमर्स को गिफ्ट देते हैं। दोस्त और रिश्तेदारों के बीच भी गिफ्ट्स का एक्सचेंज होता है। आपके लिए यह जान लेना जरूरी है कि कुछ गिफ्ट्स टैक्स के दायरे में आते हैं। हालांकि, ये आपकी डायरेक्ट इनकम का हिस्सा नहीं होते हैं। ये इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 56(2) के दायरे में आते हैं। आपको गिफ्ट्स से जुड़े टैक्स के नियमों के बारे में जान लेना जरूरी है। कई लोगों को इस बारे में जानकारी नहीं होती है, जिससे उनके दिक्कत में पड़ने का डर होता है।
