Gold Price: इजरायल और फिलिस्तीन के बीच भू-राजनीतिक तनाव ईरान समर्थित फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह हमास के हमले के बाद फिर से भड़क गया है। वार एरिया में फंसे लोगों को सुरक्षित घर लाने के लिए देश कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव के बीच भारत में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतों में तेजी नजर आ रही है। सोने की कीमत MCX में 57,883 रुपये और चांदी 69,663 पर कारोबार कर रही है। ये कीमतें वायदा कारोबार के लिए हैं।
पिछले 4 दिनों में सोने की कीमत में करीब 1500 रुपये की तेजी देखी गई है और चांदी की कीमत में भी पिछले 4 दिनों में 3900 रुपये की तेजी आई है। सवाल यह उठता है कि जब भी दो देशों के बीच तनाव होता है (जैसा कि पहले रूस और यूक्रेन में हुआ था) तो सोने और चांदी की कीमतें क्यों बढ़ जाती हैं?
वार जैसी घटनाओं का सोने और चांदी जैसी मेटल के बीच एक उलट संबंध है। जब लड़ाई जैसी स्थिति नहीं होती है तो बड़े निवेशक शेयर बाजार में अधिक पैसा निवेश करते हैं। इक्विटी में पैसा लगाने का फायदा यह है कि निवेशकों को किसी भी अन्य एसेट्स की तुलना में बेहतर रिटर्न मिलता है। वैश्विक संकट की स्थिति तब होती है, जब दो देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति हो जाती है।
इसका बाजार और इक्विटी पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। प्रमुख निवेशक वार की स्थिति को समझते हुए इक्विटी में निवेश कम करते हैं और सोने और चांदी में निवेश करना शुरू करते हैं। इन मेटल को सबसे सुरक्षित एसेट माना गया है क्योंकि अगर निवेशकों को इक्विटी में नुकसान होता है तो वे सोने और चांदी से नुकसान की भरपाई कर सकते हैं। यही कारण है कि संकट के समय सोने और चांदी की कीमतें ऊपर की ओर बढ़ने लगती हैं।
भारतीय बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में उछाल के पीछे एक और कारण है। भारत सोने के सबसे बड़े उपभोक्ताओं में से एक है क्योंकि त्योहारी सीजन के दौरान लोग सोना और चांदी खरीदते हैं। 15 अक्टूबर से शुरू हो रहे नवरात्र के साथ ही लोग धनतेरस, दिवाली और फिर शादी के सीजन के लिए खरीदारी शुरू कर देंगे। ऐसे में सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी होना तय है।