Gold Outlook: इस हफ्ते कम होगा या बढ़ेगा सोने-चांदी का भाव? जानिए एक्सपर्ट्स से
Gold Outlook: सोना और चांदी इस हफ्ते कई बड़े फैक्टर्स के बीच फंसे रह सकते हैं। अमेरिका-ईरान वार्ता, RBI की बैठक, अमेरिकी रोजगार आंकड़े और कच्चे तेल की कीमतें बुलियन मार्केट की दिशा तय करेंगी। जानिए एक्सपर्ट्स को किस बात पर सबसे ज्यादा नजर है।
पिछले सप्ताह सोने के वायदा भाव में 3,104 रुपये यानी करीब 2% की गिरावट दर्ज की गई।
Gold Outlook: इस हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों की दिशा कई बड़े घरेलू और वैश्विक घटनाक्रम तय कर सकते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक अमेरिका-ईरान से जुड़े घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें, अहम आर्थिक आंकड़े और अमेरिकी फेडरल रिजर्व अधिकारियों के बयान बुलियन मार्केट पर असर डाल सकते हैं।
सीमित दायरे में दिख रही चाल
JM फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च प्रमुख प्रणव मेर के मुताबिक फिलहाल सोना और चांदी में कोई मजबूत तेजी का रुख नहीं दिख रहा है।
उनका कहना है कि दोनों कीमती धातुएं फिलहाल सीमित दायरे में कारोबार कर रही हैं और हल्का दबाव भी बना हुआ है।
अमेरिका-ईरान वार्ता पर टिकी नजर
बाजार की सबसे बड़ी नजर अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत पर रहेगी। दोनों देशों ने युद्धविराम और वार्ता की समयसीमा को 60 दिन और बढ़ा दिया है।
प्रणव मेर का कहना है कि अगर बातचीत सफल रहती है और तनाव कम होता है, तो सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग घट सकती है। इसका असर सोने और कच्चे तेल दोनों की कीमतों पर पड़ सकता है।
पिछले हफ्ते MCX पर टूटा सोना-चांदी
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर पिछले सप्ताह सोने के वायदा भाव में 3,104 रुपये यानी करीब 2% की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद सोना 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।
वहीं चांदी का वायदा भाव 4,848 रुपये यानी 1.8% गिरकर 2.66 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया।
वैश्विक बाजार में मिला-जुला रुख
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स पर सोने के वायदा भाव में मामूली बढ़त देखने को मिली और यह सप्ताह के अंत में 4,593 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ।
दूसरी तरफ चांदी हल्की कमजोरी के साथ 75.87 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई।
सोने पर दबाव क्यों बना हुआ है?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि हाल के हफ्तों में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट और अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति की खबरों ने सोने की मांग को प्रभावित किया है।
प्रणव मेर के मुताबिक दोनों देशों के अधिकारियों ने प्रस्तावित समझौते के शुरुआती मसौदे की पुष्टि कर दी है। हालांकि समझौते को अभी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंजूरी मिलना बाकी है।
शेयर बाजार की तेजी भी बनी वजह
एनालिस्टों का कहना है कि वैश्विक शेयर बाजारों में आई मजबूती, गोल्ड ETF से निकासी और नए सकारात्मक संकेतों की कमी ने भी सोने और चांदी की कीमतों को सीमित रखा है।
इसके अलावा महंगाई को लेकर चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं। ऐसे में दुनिया के कई बड़े केंद्रीय बैंक सख्त रुख अपना सकते हैं, जिससे सोने की मांग पर असर पड़ रहा है।
फिर भी बड़ी गिरावट क्यों नहीं आई?
हालांकि सोने और चांदी में बड़ी गिरावट देखने को नहीं मिली है।
इसकी वजह निचले स्तरों पर खरीदारी, रूस-यूक्रेन तनाव और डॉलर की अपेक्षाकृत स्थिर स्थिति है। इन कारणों से कीमतों को कुछ सहारा मिलता रहा है।
इस हफ्ते किन आंकड़ों पर रहेगी नजर?
सप्ताह की शुरुआत में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज PMI आंकड़े जारी होंगे।
वहीं हफ्ते के अंत में यूरोपीय संघ की GDP, अमेरिका के नॉन-फार्म पेरोल और रोजगार से जुड़े आंकड़े आएंगे। इन आंकड़ों से अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति और ब्याज दरों की दिशा को लेकर संकेत मिल सकते हैं।
RBI की बैठक भी रहेगी अहम
घरेलू बाजार में निवेशकों की नजर शुक्रवार को आने वाले RBI के मौद्रिक नीति फैसले पर भी रहेगी। जानकारों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव, महंगाई और आर्थिक विकास से जुड़े जोखिमों को देखते RBI शायद इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव न करे। वह सतर्क रुख बनाए रख सकता है।
ऐसे में आने वाले हफ्ते में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रमों के साथ-साथ आर्थिक आंकड़ों और केंद्रीय बैंकों के फैसलों पर बनी रहेगी।
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