Gold-Silver Price: सोने-चांदी की कीमतों पर भारी गिरावट, 5% लुढ़का सोना, चांदी 8% नीचे... निवेशकों की हो गई बेचैनी

Gold-Silver Price: सोने और चांदी की कीमतों में अचानक आई भारी गिरावट ने वैश्विक बाजारों को हिला दिया है। हाल ही में रिकॉर्ड ऊंचाइयों पर पहुंचे सोने में 5% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी 8% तक लुढ़क गई। यह गिरावट निवेशकों की मुनाफा वसूली और वैश्विक आर्थिक संकेतकों में बदलाव का नतीजा मानी जा रही है।

अपडेटेड Jan 29, 2026 पर 11:15 PM
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रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद सोने के भावों ने अचानक जोरदार गोता लगा लिया। वैश्विक बाजारों में सोना 5 प्रतिशत तक गिर गया, जबकि चांदी की चमक 8 प्रतिशत से ज्यादा फीकी पड़ गई। कॉपर और निकल जैसे अन्य धातुओं पर भी दबाव दिखा। निवेशक हैरान हैं आखिर इतनी तेज रैली के बाद ये अचानक क्या हो गया? विशेषज्ञों का मानना है कि तेज चढ़ाई रुकना ही था, क्योंकि कीमतें 'बहुत तेज, बहुत ऊंची' हो चुकी थीं।

पिछले कुछ हफ्तों में सोने की कीमतों में तेज़ी देखी गई थी। अमेरिकी डॉलर की कमजोरी, केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीद और भू-राजनीतिक तनावों ने सोने को सुरक्षित निवेश का दर्जा दिलाया। इसी वजह से सोना रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था। लेकिन जैसे ही निवेशकों ने ऊँचे स्तरों पर मुनाफा वसूली शुरू की, बाज़ार में दबाव बढ़ गया और कीमतें नीचे आ गईं।

चांदी की गिरावट और भी तेज रही। औद्योगिक मांग में कमी और निवेशकों की सतर्कता ने इसे 8% तक नीचे धकेल दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी की कीमतें सोने की तुलना में अधिक अस्थिर रहती हैं, इसलिए इसमें उतार-चढ़ाव तेज़ी से देखने को मिलता है।

भारत जैसे देशों में, जहाँ सोना और चांदी का सांस्कृतिक महत्व भी है, इस गिरावट का असर घरेलू बाज़ार पर साफ दिख सकता है। शादी-ब्याह के सीजन में अगर कीमतें कुछ समय तक नीचे रहती हैं, तो यह खरीदारों के लिए एक सुनहरा अवसर साबित हो सकता है। वहीं निवेशकों के लिए यह गिरावट एक चेतावनी है कि सुरक्षित समझे जाने वाले निवेश भी अचानक जोखिम में बदल सकते हैं।


विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में डॉलर की स्थिति, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां और वैश्विक आर्थिक संकेतक यह तय करेंगे कि सोना और चांदी फिर से ऊपर जाएंगे या दबाव में रहेंगे। फिलहाल, बाज़ार में अस्थिरता बनी हुई है और निवेशकों को सतर्क रहना होगा।

भारतीय बाजारों में भी सेंसेक्स-निफ्टी के निवेशक सतर्क हो गए। दिल्ली-मुंबई जैसे शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमत में 1500-2000 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट। चांदी प्रति किलो 5000 रुपये लुढ़की। ज्वेलर्स बिक्री बढ़ाने के लिए डिस्काउंट दे रहे, लेकिन मांग सुस्त है। ये गिरावट उन लोगों के लिए राहत है जो लंबे समय से खरीदारी का इंतजार कर रहे थे। लेकिन शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को भारी नुकसान पहुंच सकता है। विशेषज्ञ सलाह दे रहे है कि लॉन्ग टर्म के लिए सोना अब भी ठोस है लेकिन अस्थिरता से बचना जरूरी है। ग्लोबल ETF आउटफ्लो और स्पेकुलेटिव पोजीशन कम होना भी बड़ा कारण है।

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