भारत में सोने की डिमांड में कमी आने का सीजन शुरू हो चुका है। कीमतें 3 महीने के निचले स्तर से रिकवर हुई हैं, जिससे महंगे दाम पर खरीदी से बचा जा रहा है। हालांकि खरीद एकदम ठंडी भी नहीं है। रॉयटर्स के मुताबिक, ज्वेलर्स खरीदी कर रहे हैं लेकिन अस्थिर कीमतों को लेकर सावधान भी हैं। निकट अवधि में कोई बड़ा त्योहार भी नहीं है और न ही शादी का सीजन। लिहाजा गोल्ड की कम डिमांड वाला दौर शुरू हो गया है। वहीं दूसरी ओर चीन में डिमांड बढ़ी है।
हाल ही में मंगलवार को देश में सोने की कीमत 1,40,450 रुपये प्रति 10 ग्राम तक गिर गई थी, जो 27 मार्च के बाद का सबसे निचला स्तर था। लेकिन अब रिबाउंड देखने को मिला है। MCX पर 3 जुलाई को सोने का वायदा भाव 148069 रुपये प्रति 10 ग्राम के हाई तक गया। रॉयटर्स के मुताबिक, जून महीने में सोने की कीमत लगभग 8.4 प्रतिशत कमजोर हुई। मार्च महीने के बाद पहली बार किसी महीने में सोने में गिरावट देखी गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव की बात करें तो यह पिछले 5 हफ्तों में पहली बार बढ़त की ओर बढ़ रहा है। हाजिर सोने की कीमत 4,184.75 डॉलर प्रति औंस है। वहीं अगस्त में डिलीवरी वाला US गोल्ड फ्यूचर्स 4,197.20 डॉलर प्रति औंस पर है। अमेरिका में नौकरियों का डेटा उम्मीद से कमजोर रहने से फेडरल रिजर्व द्वारा निकट अवधि में बेंचमार्क ब्याज दरें बढ़ाए जाने को लेकर चिंता कम हुई है। इससे सोने की कीमत को बल मिला। अमेरिकी लेबर डिपार्टमेंट के ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स का कहना है कि जून में नॉन-फार्म पेरोल में 57,000 नौकरियां बढ़ीं।
चीन में 2 डॉलर प्रति डिस्काउंट पर ट्रेडिंग
चीन में इस हफ्ते सोना अंतरराष्ट्रीय कीमत के मुकाबले कभी समान भाव पर तो कभी 2 डॉलर प्रति औंस तक सस्ते में बिक रहा था। पिछले हफ्ते यह 3 से 7 डॉलर प्रति औंस तक डिस्काउंट पर बिक रहा था। डिस्काउंट कम होना इस बात का संकेत है कि खरीदार पहले की तुलना में थोड़ा ज्यादा सक्रिय हुए हैं, इसलिए विक्रेताओं को ज्यादा छूट देने की जरूरत नहीं पड़ी।