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ETF or EGR : पीएम मोदी की अपील के बाद नया सवाल, अब गोल्ड में कैसे करें निवेश?

ETF or EGR : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोना खरीद टालने की अपील के बाद निवेशकों के बीच Gold ETF और EGR जैसे डिजिटल विकल्पों पर चर्चा तेज हो गई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि लोग सोना खरीदना बंद नहीं करेंगे, बल्कि निवेश का तरीका तेजी से बदलता जाएगा। जानिए डिटेल।

Edited By: Suneel Kumarअपडेटेड May 11, 2026 पर 5:00 PM
ETF or EGR : पीएम मोदी की अपील के बाद नया सवाल, अब गोल्ड में कैसे करें निवेश?
अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 के बीच RBI ने 104 मीट्रिक टन से ज्यादा सोना भारत वापस मंगवाया।

ETF or EGR : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से गैर जरूरी सोने की खरीद कुछ समय के लिए टालने की अपील की है। इसका मतलब यह नहीं है कि सरकार सोने को खराब निवेश मान रही है। असल चिंता भारत के ट्रेड डेफिसिट और रुपये पर बढ़ते दबाव को लेकर है।

भारत अपना ज्यादातर सोना डॉलर में आयात करता है। ऐसे में जब सोने का आयात बहुत बढ़ता है, तो देश से ज्यादा डॉलर बाहर जाते हैं और रुपये पर दबाव बढ़ जाता है, खासकर तब जब कच्चे तेल की कीमतें भी ऊंची हों। सीआर फॉरेक्स के फाउंडर और CEO अमित पाबरी का कहना है कि इस अपील से भारत में सोने की कुल मांग पर ज्यादा असर पड़ने वाला नहीं है।

भारत के घरों में पहले से बहुत सोना मौजूद

ऑगमोंट की रिसर्च हेड डॉ. रेणिशा चैनानी के मुताबिक भारत के घरों में करीब 30,000 टन सोना मौजूद है, जो दुनिया का सबसे बड़ा निजी गोल्ड स्टॉक माना जाता है। उनका कहना है कि अगर इसमें से सिर्फ 1 प्रतिशत सोना भी रीसायकल हो जाए, तो करीब 300 टन सालाना आयात की जरूरत कम हो सकती है। इससे भारत अरबों डॉलर की विदेशी मुद्रा बचा सकता है।

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