Gold Jewellery Price: 10 ग्राम का नेकलेस या 5 ग्राम की अंगूठी खरीदने जा रहे? जानिए कितना बनेगा बिल
Gold Jewellery Price: सोने का भाव जानना काफी नहीं है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और GST भी बिल बढ़ा देते हैं। अगर आज 10 ग्राम का नेकलेस या 5 ग्राम की अंगूठी बनवाएं, तो आखिर जेब से कुल कितना पैसा निकलेगा? पूरा हिसाब जानिए।
ज्वेलरी बनाने की मजदूरी यानी मेकिंग चार्ज अलग से देना पड़ता है।
Gold Jewellery Price: सोने की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। ऐसे में अगर आप शादी, त्योहार या निवेश के लिए ज्वेलरी खरीदने की सोच रहे हैं, तो सिर्फ गोल्ड का रेट जानना काफी नहीं है। दुकान पर जो बिल बनता है, उसमें सोने की कीमत के साथ मेकिंग चार्ज और GST भी जुड़ता है। यही वजह है कि कई बार ₹1.30 लाख का सोना खरीदने पर बिल ₹1.50 लाख के करीब पहुंच जाता है।
अगर आज आप 10 ग्राम का नेकलेस या 5 ग्राम की अंगूठी बनवाने जाते हैं, तो जेब से कुल कितना पैसा निकल सकता है? आइए आसान हिसाब से समझते हैं।
पहले जानिए आज का रेट
दिल्ली में 15 जुलाई को 24 कैरेट सोने का भाव (Gold Price Today) ₹1,42,940 प्रति 10 ग्राम है। वहीं, 22 कैरेट का ₹1,31,040 प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट का ₹1,07,240 प्रति 10 ग्राम है।
हालांकि, बाजार में बिकने वाले ज्यादातर नेकलेस, अंगूठियां और दूसरी ज्वेलरी 22 कैरेट या 18 कैरेट सोने से बनाई जाती हैं। इसलिए आगे का पूरा हिसाब 22 कैरेट सोने की कीमत के आधार पर समझते हैं।
10 ग्राम का नेकलेस का खर्च?
मान लीजिए आपने 10 ग्राम का सिंपल नेकलेस पसंद किया। सिर्फ सोने की कीमत ₹1,31,040 होगी। अब इसमें मेकिंग चार्ज जुड़ता है। अगर ज्वेलर 10% मेकिंग चार्ज लेता है, तो यह करीब ₹13,100 बैठेगा। इसके बाद कुल रकम पर 3% GST लगेगा, जो करीब ₹4,300 होगा।
यानी 10 ग्राम का नेकलेस बनवाने पर आपका कुल बिल करीब ₹1.48 लाख बन सकता है। अगर आपने भारी डिजाइन वाला नेकलेस चुना और मेकिंग चार्ज 20% हुआ, तो यही बिल ₹1.60 लाख के आसपास पहुंच सकता है।
5 ग्राम की अंगूठी का बिल?
अब मान लीजिए आप 5 ग्राम की सोने की अंगूठी बनवा रहे हैं। 5 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹65,520 होगी। अगर मेकिंग चार्ज 10% है, तो इसमें करीब ₹6,550 जुड़ जाएंगे। इसके बाद GST जोड़ने पर कुल बिल करीब ₹74,200 तक पहुंच सकता है।
अगर अंगूठी का डिजाइन ज्यादा बारीक या स्टोन वाला है, तो मेकिंग चार्ज बढ़ सकता है। ऐसे में कीमत ₹78,000 से ₹80,000 तक भी जा सकती है।
आखिर बिल इतना ज्यादा क्यों बनता है?
बहुत से लोगों को लगता है कि दुकान पर वही कीमत देनी होगी, जो अखबार या वेबसाइट पर सोने के भाव में दिखाई जा रही है। लेकिन ऐसा नहीं होता। गोल्ड रेट सिर्फ धातु की कीमत होती है।
ज्वेलरी बनाने की मजदूरी यानी मेकिंग चार्ज अलग से देना पड़ता है। इसके बाद पूरे बिल पर 3% GST भी लगता है। कुछ ज्वेलर्स वेस्टेज चार्ज भी जोड़ते हैं। इसलिए अंतिम बिल हमेशा गोल्ड रेट से ज्यादा होता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।