Get App

Gold Leasing: लॉकर में पड़ा सोना भी करा सकता है तगड़ी कमाई, लेकिन पहले समझ लें जोखिम

Gold Leasing: क्या लॉकर में रखा सोना भी कमाई करा सकता है? गोल्ड लीजिंग का सिस्टम यही है। इसमें सोना बेचे बिना रिटर्न कमाने का मौका मिलता है, लेकिन इसके साथ कुछ ऐसे जोखिम भी हैं जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। जानिए डिटेल।

Edited By: Suneel Kumarअपडेटेड Jun 11, 2026 पर 6:00 PM
Gold Leasing: लॉकर में पड़ा सोना भी करा सकता है तगड़ी कमाई, लेकिन पहले समझ लें जोखिम
गोल्ड लीजिंग में निवेशक अपना सोना निष्क्रिय रखने की बजाय उसे लीज पर देकर कमाई करते हैं।

Gold Leasing: भारत में ज्यादातर लोग सोना खरीदकर लॉकर, तिजोरी या घर में रख देते हैं। लेकिन अब कुछ प्लेटफॉर्म ऐसे भी हैं, जो आपको सोना बेचे बिना उससे कमाई करने का मौका देते हैं। इसे गोल्ड लीजिंग कहा जाता है। इसमें आप अपना सोना ज्वैलर्स को तय समय के लिए लीज पर देते हैं। बदले में आपको रिटर्न मिलता है। अच्छी बात यह है कि सोने का मालिकाना हक आपके पास ही रहता है।

क्या है गोल्ड लीजिंग?

गोल्ड लीजिंग में निवेशक अपना सोना निष्क्रिय रखने की बजाय उसे लीज पर देकर कमाई करते हैं। फिनटेक प्लेटफॉर्म निवेशकों और ज्वैलर्स को जोड़ने का काम करते हैं।

ज्वैलर्स इस सोने का इस्तेमाल अपने कारोबार में करते हैं। वे इसे इन्वेंट्री और वर्किंग कैपिटल के रूप में इस्तेमाल करते हैं। इसके बदले निवेशकों को लीज रेंटल मिलता है। यह आमतौर पर अतिरिक्त सोने या तय रिटर्न के रूप में दिया जाता है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें