Gold Price Crash: फिर 1980 और 2011 जैसे गिरेंगे सोने के दाम! दिग्गज अमेरिकी बैंक की 'डेथ क्रॉस' वाली चेतावनी से सहमे निवेशक

Gold Price Prediction: अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोने के लिए $4,000 प्रति औंस का स्तर एक महत्वपूर्ण पिवट लेवल बना हुआ था। इसके नीचे फिसलने के बाद अब यह पूरी तरह साफ हो गया है कि बाजार पर मंदड़िये हावी हो चुके हैं। बैंक ऑफ अमेरिका के विश्लेषकों ने आगाह किया है कि सोने का मौजूदा ट्रेंड साल 1980 और 2011 की ऐतिहासिक मंदी जैसा हो सकता है

अपडेटेड Jul 21, 2026 पर 12:06 PM
बैंक ऑफ अमेरिका के मुताबिक, सोने की मौजूदा मंदी आने वाले अगस्त और सितंबर महीने तक खिंच सकती है

Gold Price Outlook & Technical Analysis: आमतौर पर दुनिया में जब भी भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, सोने की कीमतें आसमान छूने लगती हैं। लेकिन इस बार कमोडिटी मार्केट की उलटी चाल ने बड़े-बड़े विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया है। एक तरफ जहां दुनिया भर के केंद्रीय बैंक सोना खरीद रहे हैं, वहीं दिग्गज ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म बैंक ऑफ अमेरिका के तकनीकी रणनीतिकारों ने सोने में एक बहुत बड़ी गिरावट की चेतावनी जारी की है।

बैंक ऑफ अमेरिका के मुताबिक, सोने की मौजूदा मंदी आने वाले अगस्त और सितंबर महीने तक खिंच सकती है। आइए जानते हैं कि सोने में इस महा-गिरावट की वजह क्या होने वाली है और इसके दाम किस लेवल तक गिर पहुंच सकते हैं।

तनाव के बीच भी क्यों गिर रहे हैं सोने के दाम?


बैंक ऑफ अमेरिका के तकनीकी विश्लेषक पॉल सियाना के अनुसार, सोने के चार्ट पर दो बड़े तकनीकी संकेतक दिखे हैं:

डेथ क्रॉस का बनना: सोने के चार्ट पर एक बहुत ही मंदी का संकेत देने वाला 'डेथ क्रॉस' दर्ज किया गया है। ऐसा तब होता है जब 50 दिन का शॉर्ट-टर्म मूविंग एवेरेज (SMA), 200 दिन के लॉन्ग-टर्म मूविंग एवेरेज से नीचे चला जाता है। ऐतिहासिक रूप से 1975 के बाद से जब भी सोने में ऐसा हुआ है, अगले 40-50 दिनों में 70 फीसदी बार सोने की कीमतें नीचे ही गई हैं।

ओवरबॉट स्थिति: सोने में आई पिछली लंबी तेजी के कारण बाजार में जरूरत से ज्यादा खरीदारी हो गई थी। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 90 के स्तर पर पहुंच गया था, जो साफ दिखाता है कि सोने की चाल क्षमता से ज्यादा खिंच चुकी थी और अब इसे एक बड़े करेक्शन की जरूरत थी।

बाजार पर हावी हुए मंदड़िये

अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोने के लिए $4,000 प्रति औंस का स्तर एक महत्वपूर्ण पिवट लेवल बना हुआ था। इसके नीचे फिसलने के बाद अब यह पूरी तरह साफ हो गया है कि बाजार पर मंदड़िये हावी हो चुके हैं। बैंक ऑफ अमेरिका के विश्लेषकों ने आगाह किया है कि सोने का मौजूदा ट्रेंड साल 1980 और 2011 की ऐतिहासिक मंदी जैसा हो सकता है।

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इन ऐतिहासिक पैटर्न के आधार पर सोना गिरकर पहले $3,600 प्रति औंस और फिर $3,315 प्रति औंस के स्तर तक आ सकता है। अगर आप सोने में नया निवेश करने की सोच रहे हैं, तो फिलहाल अगस्त और सितंबर के महीनों में बाजार के इस करेक्शन पर नजर बनाए रखना समझदारी होगी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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