गोल्ड में 30 जनवरी को बड़ी गिरावट देखने को मिली। कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स पर गोल्ड 9 फीसदी तक फिसल गया। हालांकि, बाद में यह कुछ हद तक संभलने में सफल रहा। 29 जनवरी को ही गोल्ड ने ऑल-टाइम हाई बनाया था। एमसीएक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स 1.82 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया था।
9 फीसदी तक गिरने के बाद संभला सोना
30 जनवरी को शाम 3:28 बजे गोल्ड फ्यूचर्स गिरकर 1,55,569 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। यह 29 जनवरी के क्लोजिंग प्राइस से 9 फीसदी गिरावट है। हालांकि, शाम 5:37 बजे इसमें कुछ रिकवरी आई। एमसीएक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स 4.96 फीसदी गिरकर 1,61,000 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा था।
इन वजहों से गोल्ड में आई थी जबर्दस्त तेजी
कॉमेक्स पर स्पॉट गोल्ड गिरकर 4,988 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। 30 जनवरी को गिरावट से पहले लगातार गोल्ड में तेजी देखने को मिली थी। इसकी वजह जियोपॉलिटिकल टेंशन और वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता थी। इंटरेस्ट रेट घटने की उम्मीद से भी सोने की चमक बढ़ रही थी।
इन वजहों से 30 जनवरी को फिसला गोल्ड
एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह संकेत है कि वह फेडरल रिजर्व के चेयरमैन पद पर ऐसे व्यक्ति को नियुक्त करेंगे, जिसका रुख ज्यादा एग्रेसिव होगा। उन्होंने कहा कि वह 30 जनवरी को नए फेड चेयरमैन का ऐलान कर देंगे। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल मई में रिटायर होने जा रहे है। ट्रंप की पसंद के व्यक्ति के फेड चेयरमैन बनने से डॉलर में मजबूती आएगी। डॉलर में मजबूती से सोने की चमक फीकी पड़ती है।
सोने में गिरावट की दूसरी वजह मुनाफावसूली बताई जा रही है। सोने की कीमतें पिछले कुछ हफ्तों में काफी तेजी से बढ़ी हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी एसेट की कीमत कम समय में काफी ज्यादा चढ़ने के बाद मुनाफावसूली होती है। शॉर्ट टर्म इनवेस्टर्स ऊंची कीमतों का फायदा उठाने के लिए बिकवाली करते हैं। गिरावट से पहले गोल्ड के लिए यह जनवरी खास थी। 1973 के बाद पहली बार किसी एक महीने में इतनी ज्यादा तेजी दिखी थी। 1 जनवरी से 29 जनवरी तक गोल्ड का रिटर्न 28 फीसदी था।