Gold Price Today: दो हफ्ते के निचले स्तर पर सोना, एक्सपर्ट्स ने बताया अब क्या करें निवेशक?

Gold Price Today: सोना दो हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गया है। यह अपने 52-हफ्ते के उच्च स्तर से करीब 27.5% टूट चुका है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि तेजी आने पर भी बिकवाली देखने को मिल सकती है। जानिए डिटेल।

अपडेटेड Jun 24, 2026 पर 4:31 PM
UBS के एनालिस्ट जियोवानी स्टाउनोवो ने रॉयटर्स को बताया कि अमेरिकी डॉलर की मजबूती फिलहाल सोने के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।

Gold Price Today: सोने की कीमतों में बुधवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट देखने को मिली। मजबूत अमेरिकी डॉलर और ब्याज दर बढ़ने की आशंका के चलते सोना करीब दो हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गया। साथ ही निवेशकों की नजर अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता पर भी बनी हुई है।

शाम 3.40 बजे तक स्पॉट गोल्ड 1.34% गिरकर 4,058 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। यह उसका दो हफ्ते का निचला स्तर है। यानी सोना अपने 52वीक के उच्च स्तर 5,595.51 डॉलर से करीब 27.5% टूट चुका है। MCX पर सोना 2169 यानी 1.48% की गिरावट के साथ 1,44,351 पर कारोबार कर रहा था।

गोल्ड प्राइस में गिरावट की वजह


UBS के एनालिस्ट जियोवानी स्टाउनोवो ने रॉयटर्स को बताया कि अमेरिकी डॉलर की मजबूती फिलहाल सोने के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। साथ ही गोल्ड ETF में निवेशकों की दिलचस्पी भी कमजोर दिखाई दे रही है, जिससे सोने को सपोर्ट नहीं मिल रहा।

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 13 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। डॉलर मजबूत होने से दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सोना महंगा हो जाता है, जिससे मांग पर असर पड़ता है।

फेडरल रिजर्व की चिंता बढ़ा रही दबाव

बाजार अब इस साल अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से तीन बार ब्याज दर बढ़ने की संभावना को कीमतों में शामिल कर रहा है। पिछले हफ्ते फेड की बैठक से पहले बाजार सिर्फ एक बार दर बढ़ने की उम्मीद कर रहा था।

ब्याज दर बढ़ने पर सोने जैसे ऐसे निवेश कम आकर्षक हो जाते हैं, जिन पर कोई ब्याज नहीं मिलता। यही वजह है कि पिछले हफ्ते फेड की बैठक के बाद से सोने की कीमतों में 4% से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है।

तेजी पर दिख सकती है बिकवाली

LKP Securities के वीपी रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी और करेंसी) जतीन त्रिवेदी का कहना है कि सोने पर दबाव अभी भी बना हुआ है। उनके मुताबिक, यह गिरावट सिर्फ डॉलर की मजबूती की वजह से नहीं है। AI और टेक्नोलॉजी शेयरों में तेज मुनाफावसूली और बिकवाली के कारण बाजार में लिक्विडिटी का दबाव बढ़ा है। कई निवेशक शेयर बाजार में हुए नुकसान की भरपाई, मार्जिन कॉल पूरी करने और कर्ज कम करने के लिए सोने जैसी आसानी से बिकने वाली संपत्तियां बेच रहे हैं।

जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, निकट भविष्य में सोना ₹1,42,500 से ₹1,46,000 प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर सकता है। फिलहाल बाजार का रुख कमजोर बना हुआ है और किसी भी तेजी पर बिकवाली देखने को मिल सकती है।

अब किन फैक्टर पर निवेशकों की नजर रहेगी?

निवेशकों की नजर अब गुरुवार को आने वाले अमेरिका के पर्सनल कंजम्प्शन एक्सपेंडिचर (PCE) आंकड़ों पर रहेगी। यह फेडरल रिजर्व का पसंदीदा महंगाई संकेतक माना जाता है। अगर महंगाई के आंकड़े मजबूत आते हैं, तो ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना और बढ़ सकती है। इसका असर सोने की कीमतों पर पड़ सकता है।

भू-राजनीतिक मोर्चे पर भी बाजार की नजर अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत पर बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अनिश्चितकालीन परमाणु निरीक्षण के लिए तैयार हो गया है। हालांकि ईरान ने ऐसे किसी समझौते से इनकार किया है। इससे दोनों देशों के बीच बनी नाजुक शांति को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

₹300000 का एक तोला सोना! गोल्ड खरीदने का सपना रह जाएगा अधूरा

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।