Gold Silver price Today: इंटरनेशनल मार्केट में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई। लेटेस्ट ट्रेड में COMEX सोना 0.31% गिरकर $4,174.30 प्रति औंस और COMEX चांदी 0.47% गिरकर $61.30 प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।
Gold Silver price Today: इंटरनेशनल मार्केट में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई। लेटेस्ट ट्रेड में COMEX सोना 0.31% गिरकर $4,174.30 प्रति औंस और COMEX चांदी 0.47% गिरकर $61.30 प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।
लोकल ट्रेडर्स के अनुसार, यह गिरावट मंगलवार (6 अक्टूबर) को घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में ₹200 की कमी के बाद आई है, जिससे भाव ₹1.49 लाख प्रति 10 ग्राम हो गया, जबकि चांदी की कीमत ₹2.27 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास स्थिर रही।
कीमतों पर दबाव क्यों है?
रिद्धि-सिद्धि बुलियन लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर, इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड के प्रेसिडेंट और जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन के चेयरमैन पृथ्वीराज कोठारी के अनुसार, मजबूत अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी का असर कीमती धातुओं पर पड़ रहा है।
सोने से कोई ब्याज आय नहीं होती है, इसलिए बॉन्ड यील्ड बढ़ने पर यह कम आकर्षक हो जाता है। मजबूत डॉलर, सोने और चांदी जैसी डॉलर-डिनॉमिनेटेड कमोडिटीज पर भी दबाव डाल सकता है क्योंकि इससे दूसरी करेंसी रखने वाले खरीदारों के लिए ये महंगी हो जाती हैं।
हालांकि, कोठारी ने कहा कि अमेरिका के सितंबर के जॉब्स डेटा के उम्मीद से कमजोर रहने से सोने को कुछ सहारा मिला है, क्योंकि इससे अक्टूबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें कम हो गई हैं।
चांदी में क्या हो रहा है?
लेटेस्ट सेशन में चांदी पर भी दबाव देखा गया है। कोठारी ने कहा कि चांदी अपने 'हेड-एंड-शोल्डर्स' नेकलाइन से नीचे आ गई है और पहले ही $60 प्रति औंस के टारगेट तक पहुंच चुकी है। उनके अनुसार, अगला ध्यान देने वाला लेवल $57 प्रति औंस है।
किन लेवल्स पर ध्यान देना चाहिए?
सोने के लिए, कोठारी ने कहा कि इस धातु को $4,100 प्रति औंस के लेवल को बनाए रखने की जरूरत है, जो लगभग ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम के बराबर है। अगर यह लेवल लगातार टूटता है, तो $4,000 प्रति औंस या लगभग ₹1.44 लाख प्रति 10 ग्राम का लेवल फोकस में आ सकता है। ये टेक्निकल लेवल हैं और इन्हें घरेलू रिटेल कीमतों के अनुमान के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि कीमतें रुपये-डॉलर एक्सचेंज रेट, इंपोर्ट से जुड़ी लागत, टैक्स और स्थानीय मांग से भी प्रभावित हो सकती हैं।
आगे कीमतों में आ सकती है बदलाव
निवेशक अमेरिकी डॉलर, ट्रेजरी यील्ड और फेड की ब्याज दरों को लेकर उम्मीदों पर नज़र बनाए रखेंगे। पश्चिम एशिया में होने वाली घटनाएं भी तेल की कीमतों, महंगाई की उम्मीदों और व्यापक रिस्क सेंटीमेंट पर असर डालकर कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं।
घरेलू बाज़ार में, मंगलवार (6 अक्टूबर) को सोने की रिटेल मांग पहले से ही कम थी। HDFC सिक्योरिटीज में कमोडिटीज़ के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने इस कमजोरी की एक वजह पितृ पक्ष के दौरान कम मांग को बताया।इसलिए, निवेशकों का तुरंत ध्यान अमेरिकी ब्याज दरों की उम्मीदों, डॉलर, बॉन्ड यील्ड और जियोपॉलिटिकल घटनाक्रमों पर रहेगा, जबकि टेक्निकल लेवल से कीमतों की निकट भविष्य की दिशा के बारे में अतिरिक्त संकेत मिल सकते हैं।
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