Gold Silver Price Today: ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतें ज़्यादातर स्थिर रहीं, जबकि चांदी की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई। निवेशक ट्रेजरी यील्ड के ऊंचे स्तर और मजबूत डॉलर के बीच US में ब्याज दरों के भविष्य पर विचार कर रहे थे। COMEX पर, 6 अक्टूबर के लेटेस्ट डेटा के अनुसार, गोल्ड फ्यूचर्स $4,159.40 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहे थे, जिसमें $2.60 या 0.06% की बढ़त थी। सिल्वर फ्यूचर्स $0.20 या 0.33% गिरकर $61.10 प्रति औंस पर थे।
स्पॉट मार्केट में, सोने की कीमत में बहुत कम बदलाव हुआ और यह $4,141.31 प्रति औंस पर रही, जो इस कीमती धातु में हालिया गिरावट के बाद ठहराव को दिखाता है।
सोने और चांदी की कीमतों को क्या प्रभावित कर रहा है?
US ट्रेजरी यील्ड और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़ी उम्मीदें कीमती धातुओं के लिए अहम कारक हैं। बॉन्ड यील्ड बढ़ने से सोना और चांदी रखने की 'अपॉर्च्युनिटी कॉस्ट' (वैकल्पिक लागत) बढ़ जाती है, क्योंकि इनसे कोई ब्याज नहीं मिलता। मजबूत US डॉलर, दूसरी करेंसी का इस्तेमाल करने वाले खरीदारों के लिए डॉलर में कीमत वाली कीमती धातुओं को महंगा बना सकता है।
महंगाई और सरकारी कर्ज को लेकर चिंताओं के बीच US ट्रेजरी यील्ड ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। हालांकि, उम्मीद से कमजोर जॉब्स डेटा ने इस महीने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों को कम कर दिया है, जिससे सोने को कुछ सहारा मिला है।
निवेशक सेंट्रल बैंक की पॉलिसी की दिशा के बारे में और संकेत पाने के लिए US की आने वाली जॉब्स रिपोर्ट पर भी नज़र रखे हुए हैं।
तेल की कीमतें और जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम भी महंगाई की उम्मीदों और ब्याज दरों के भविष्य को प्रभावित करने वाले अतिरिक्त कारक हैं।
सोने की कीमतों का भविष्य क्या है?
रिद्धि-सिद्धि बुलियंस के मैनेजिंग डायरेक्टर और इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट पृथ्वीराज कोठारी ने इस कमजोरी के लिए फेडरल रिजर्व द्वारा जल्द ब्याज दरें बढ़ाने की चिंता, मजबूत डॉलर और ऊंचे ट्रेजरी यील्ड को जिम्मेदार बताया। उन्होंने सोने के लिए $4,110 प्रति औंस पर सपोर्ट लेवल बताया, जिसके बाद $4,000 प्रति औंस का साइकोलॉजिकल लेवल है।
मार्केट में शामिल लोग US इकोनॉमिक डेटा और फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के बयानों के साथ-साथ 7 अक्टूबर को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के मॉनेटरी पॉलिसी फैसले पर भी नजर रखे हुए हैं। मोनार्क PMS के असिस्टेंट फंड मैनेजर ध्रुव जोगलेकर का मानना है कि अक्टूबर में सोने की कीमतों को सपोर्ट मिल सकता है। इसकी वजह त्योहारों के मौसम में सोने की फिजिकल डिमांड (असली सोने की मांग) बढ़ने की संभावना और सेंट्रल बैंक की लगातार खरीदारी है। उन्होंने कहा कि बाजार की नजर US के इकोनॉमिक डेटा और महंगाई के आउटलुक पर स्पष्टता मिलने पर होगी।
सोमवार को घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में क्या हुआ?
लोकल ट्रेडर्स के मुताबिक, सोमवार (5 अक्टूबर) को नई दिल्ली में 99.9% शुद्धता वाले सोने की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ और यह सभी टैक्स मिलाकर ₹1.49 लाख प्रति 10 ग्राम पर बनी रही, जबकि चांदी की कीमत ₹2.27 लाख प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही।
ज्वेलर्स और रिटेलर्स की तरफ से कम मांग के कारण घरेलू कीमतें एक सीमित दायरे में रहीं। US डॉलर के मजबूत होने से भी इंटरनेशनल बुलियन मार्केट में कीमतों में बढ़ोतरी सीमित रही।
मंगलवार (6 अक्टूबर) को घरेलू कीमतें इंटरनेशनल बुलियन मार्केट में उतार-चढ़ाव, रुपये-डॉलर एक्सचेंज रेट और लोकल डिमांड से प्रभावित होंगी।
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